Spread the loveनैनीताल। दैनिक प्रभातवाणी। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच सोशल मीडिया पर स्कूलों की छुट्टी से संबंधित एक कथित आदेश तेजी से वायरल होने लगा। वायरल पत्र में दावा किया गया कि खराब मौसम को देखते हुए नैनीताल जिले के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस संदेश के वायरल होते ही अभिभावकों, विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। हालांकि, नैनीताल जिला प्रशासन ने तत्काल इस वायरल आदेश का संज्ञान लेते हुए इसे पूरी तरह फर्जी और भ्रामक करार दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद करने का कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया था और 21 जुलाई को जिले के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालय तथा आंगनबाड़ी केंद्र सामान्य रूप से संचालित हुए। प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील जिला प्रशासन ने कहा कि मौसम संबंधी किसी भी निर्णय की सूचना केवल अधिकृत माध्यमों से ही जारी की जाती है। सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी अपुष्ट पत्र, फोटो या संदेश पर भरोसा करना उचित नहीं है। नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी सूचना को आगे साझा करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें। फर्जी आदेश तैयार करने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई प्रशासन ने चेतावनी दी है कि फर्जी सरकारी आदेश तैयार कर सोशल मीडिया पर प्रसारित करना गंभीर अपराध है। ऐसे शरारती तत्वों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अफवाह फैलाकर जनता में भ्रम और भय का माहौल बनाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सही जानकारी के लिए इन स्रोतों पर करें भरोसा प्रशासन ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक माध्यमों से जारी सूचनाओं पर ही विश्वास करें। जिलाधिकारी नैनीताल एवं जिला सूचना कार्यालय (DIO) के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल और प्रेस विज्ञप्तियों को देखें। स्कूल बंद होने या अवकाश संबंधी किसी भी सूचना के लिए सीधे संबंधित विद्यालय, प्रधानाचार्य या कक्षा शिक्षक से संपर्क करें। विश्वसनीय और प्रमाणिक समाचार माध्यमों से प्राप्त जानकारी को ही सही मानें। मौसम के दौरान अफवाहों से बचना जरूरी मानसून के दौरान भारी बारिश, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण लोगों में चिंता बनी रहती है। ऐसे समय में फर्जी आदेश और भ्रामक संदेश तेजी से वायरल हो जाते हैं, जिससे अनावश्यक अफरा-तफरी फैलती है। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं, किसी भी अपुष्ट संदेश को आगे फॉरवर्ड न करें और केवल आधिकारिक सूचना का ही पालन करें। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है—”सत्यापित सूचना ही साझा करें, अफवाहों से बचें और दूसरों को भी जागरूक करें।” Post Views: 2 Post navigation उत्तराखंड में बारिश का कहर: चार जिलों में रेड अलर्ट, चारधाम यात्रा स्थगित, 162 सड़कें बंद, प्रशासन हाई अलर्ट पर उत्तराखंड हाईकोर्ट विस्तार: हल्द्वानी में बनेगा 30 जजों की क्षमता वाला आधुनिक न्यायिक परिसर