Spread the loveहरिद्वार। दैनिक प्रभातवाणी। पथरी थाना क्षेत्र के फूलगढ़ गांव में नाबालिग किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के चर्चित मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों के बाद मामले में अब तक कुल नौ आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों की भूमिका पीड़िता को बहला-फुसलाकर सुनसान जंगल वाले क्षेत्र तक ले जाने और पूरी साजिश में शामिल होने की सामने आई है। तीन नए आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए वयस्क आरोपी की पहचान तनवीर (25 वर्ष) निवासी सुल्तानपुर, लक्सर के रूप में हुई है। उसे न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वहीं, पकड़े गए दो अन्य आरोपी नाबालिग हैं। इनमें से एक पीड़िता का कथित प्रेमी बताया जा रहा है, जो पिछले लगभग एक वर्ष से उसके संपर्क में था। दोनों किशोरों को किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act) के प्रावधानों के तहत संरक्षण में लेकर किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया। 12 जुलाई की रात हुई थी वारदात पुलिस के अनुसार यह घटना 12 जुलाई की रात पथरी थाना क्षेत्र के फूलगढ़ गांव के समीप जंगल में हुई थी। आरोप है कि पीड़िता अपने परिचित युवक के साथ जा रही थी, तभी आरोपियों ने उन्हें रोक लिया। युवक के साथ मारपीट करने के बाद किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। पहले छह आरोपी भेजे जा चुके हैं जेल मामले की जांच के दौरान पुलिस ने 17 जुलाई को छह मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार इन्हीं आरोपियों ने पीड़िता के साथ चल रहे युवक के साथ मारपीट की थी और वारदात को अंजाम दिया था। ग्रामीणों के विरोध के बाद बढ़ी जांच मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी ग्रामीणों और विभिन्न हिंदूवादी संगठनों ने पथरी थाने का घेराव कर मांग की थी कि पीड़िता को सुनसान स्थान तक ले जाने वाले अन्य साजिशकर्ताओं को भी गिरफ्तार किया जाए। इसके बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया और तकनीकी साक्ष्यों व पूछताछ के आधार पर तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया। वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी पथरी थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि मामले की विवेचना वैज्ञानिक साक्ष्यों, डिजिटल प्रमाणों और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मजबूत चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की जाएगी, ताकि दोषियों को पॉक्सो (POCSO) अधिनियम एवं अन्य संबंधित धाराओं के तहत कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके। नोट: भारतीय कानून के अनुसार किसी आपराधिक मामले में अंतिम सजा का निर्णय केवल न्यायालय करता है। इसलिए “फांसी या उम्रकैद दिलाई जाएगी” कहना उचित नहीं है। समाचार में यह लिखना अधिक सही है कि पुलिस दोषियों के विरुद्ध मजबूत चार्जशीट दाखिल करने और कानून के तहत कठोर दंड सुनिश्चित कराने का प्रयास कर रही है। Post Views: 2 Post navigation बद्रीनाथ धाम दान पात्र प्रकरण: 34 में से 30 बार CCTV फुटेज गायब, SIT ने तेज की जांच देहरादून में ₹30 लाख की एमडीएमए और स्मैक बरामद, ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत सहारनपुर का तस्कर गिरफ्तार