Spread the love केनेडी स्पेस सेंटर/नई दिल्ली, 25 जून — भारत ने आज अंतरिक्ष विज्ञान में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाया जब ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के नेतृत्व में Axiom‑4 मिशन का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया गया। यह मिशन भारतीय अंतरिक्ष इतिहास में इसलिए विशेष है क्योंकि यह पहला निजी भारतीय मिशन है, जो अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की ओर रवाना हुआ। इस मिशन को अमेरिकी एजेंसियों NASA, SpaceX और निजी कंपनी Axiom Space के सहयोग से अंजाम दिया गया। लॉन्च दोपहर 12:01 बजे (IST) फ्लोरिडा स्थित केनेडी स्पेस सेंटर से किया गया, जिसमें SpaceX Falcon 9 रॉकेट और Crew Dragon C213 कैप्सूल का उपयोग किया गया। मिशन के अन्य सदस्यों में अमेरिका की अंतरिक्ष यात्री पेगी व्हिटसन, पोलैंड के स्लावोस्ज उज़नांस्की और हंगरी के टिबोर कापु शामिल हैं। यह चारों अंतरिक्ष यात्री 26 जून को ISS से जुड़ेंगे और वहां लगभग 2 सप्ताह तक विभिन्न वैज्ञानिक और शैक्षिक गतिविधियों में हिस्सा लेंगे। शुभांशु शुक्ला की इस उपलब्धि के साथ वह ISS तक पहुंचने वाले पहले भारतीय बन गए हैं और राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय अंतरिक्ष यात्री भी। इस मिशन के अंतर्गत भारत सहित 31 देशों के 60 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग किए जाएंगे, जिनमें भारतीय संस्थानों द्वारा विकसित 7 विशेष प्रयोग भी शामिल हैं, जो भविष्य में गगनयान मिशन की तैयारियों के लिए उपयोगी सिद्ध होंगे। Axiom‑4 मिशन भारत के लिए न केवल एक वैज्ञानिक उपलब्धि है, बल्कि यह देश की तेजी से बढ़ती अंतरिक्ष शक्ति और वैश्विक अंतरिक्ष अनुसंधान में भागीदारी का प्रतीक भी बन गया है। Post Views: 91 Post navigation 30 दिन, घर का खाना और कम होती कमर: फिटनेस का देसी मंत्र NSE‑SEBI झंझट: IPO की राह खोलने को समझौता प्रस्ताव पर विचार
केनेडी स्पेस सेंटर/नई दिल्ली, 25 जून — भारत ने आज अंतरिक्ष विज्ञान में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाया जब ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के नेतृत्व में Axiom‑4 मिशन का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया गया। यह मिशन भारतीय अंतरिक्ष इतिहास में इसलिए विशेष है क्योंकि यह पहला निजी भारतीय मिशन है, जो अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की ओर रवाना हुआ। इस मिशन को अमेरिकी एजेंसियों NASA, SpaceX और निजी कंपनी Axiom Space के सहयोग से अंजाम दिया गया। लॉन्च दोपहर 12:01 बजे (IST) फ्लोरिडा स्थित केनेडी स्पेस सेंटर से किया गया, जिसमें SpaceX Falcon 9 रॉकेट और Crew Dragon C213 कैप्सूल का उपयोग किया गया। मिशन के अन्य सदस्यों में अमेरिका की अंतरिक्ष यात्री पेगी व्हिटसन, पोलैंड के स्लावोस्ज उज़नांस्की और हंगरी के टिबोर कापु शामिल हैं। यह चारों अंतरिक्ष यात्री 26 जून को ISS से जुड़ेंगे और वहां लगभग 2 सप्ताह तक विभिन्न वैज्ञानिक और शैक्षिक गतिविधियों में हिस्सा लेंगे। शुभांशु शुक्ला की इस उपलब्धि के साथ वह ISS तक पहुंचने वाले पहले भारतीय बन गए हैं और राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय अंतरिक्ष यात्री भी। इस मिशन के अंतर्गत भारत सहित 31 देशों के 60 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग किए जाएंगे, जिनमें भारतीय संस्थानों द्वारा विकसित 7 विशेष प्रयोग भी शामिल हैं, जो भविष्य में गगनयान मिशन की तैयारियों के लिए उपयोगी सिद्ध होंगे। Axiom‑4 मिशन भारत के लिए न केवल एक वैज्ञानिक उपलब्धि है, बल्कि यह देश की तेजी से बढ़ती अंतरिक्ष शक्ति और वैश्विक अंतरिक्ष अनुसंधान में भागीदारी का प्रतीक भी बन गया है।