Spread the loveNSE‑SEBI झंझट: IPO की राह खोलने को समझौता प्रस्ताव पर विचारनई दिल्ली, 25 जून:नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के बीच लंबे समय से चल रही जांच और विवाद के बीच अब दोनों पक्षों के बीच समझौते (सेटलमेंट) का रास्ता खुलता दिखाई दे रहा है। इस घटनाक्रम को NSE के बहुप्रतीक्षित IPO (आरंभिक सार्वजनिक निर्गम) की राह आसान होने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।SEBI की जांच NSE के पूर्व कार्यकाल में हुए को-लोकेशन घोटाले, कथित “यति” ईमेल विवाद और आंतरिक प्रशासनिक गड़बड़ियों को लेकर थी। इन मामलों के कारण NSE का IPO लटक गया था और रेग्युलेटर ने संस्था की स्वायत्तता और संचालन पर सवाल खड़े किए थे।सूत्रों के अनुसार, NSE ने SEBI को एक सेटलमेंट प्रस्ताव भेजा है, जिसमें वह संभावित आर्थिक दंड और कुछ प्रक्रियात्मक सुधारों के बदले मामलों को सुलझाने की पेशकश कर रहा है। SEBI ने इस प्रस्ताव का प्रारंभिक मूल्यांकन शुरू कर दिया है।बाजार पर असर:विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि यह समझौता सफल होता है, तो NSE का IPO जल्द ही बाजार में आ सकता है। यह IPO देश के सबसे बड़े और प्रतीक्षित सार्वजनिक निर्गमों में से एक माना जा रहा है, जिससे निवेशकों को बड़ी उम्मीदें हैं।क्या कहते हैं विशेषज्ञ:वित्तीय मामलों के जानकारों का कहना है कि “SEBI और NSE के बीच सुलह से बाजार में स्थिरता आएगी और विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा। यह भारतीय पूंजी बाज़ार की पारदर्शिता के लिए भी अहम होगा।”आगे की राह:SEBI की सेटलमेंट प्रक्रिया कई चरणों से गुजरती है, जिसमें तकनीकी समिति की सिफारिशें और बोर्ड की मंजूरी शामिल होती है। यदि सब कुछ सुचारू रहा, तो यह विवाद 2025 के अंत तक सुलझ सकता है और NSE का IPO 2026 की शुरुआत में देखने को मिल सकता है। Post Views: 43 Post navigationअंतरिक्ष में भारत की नई उड़ान: शुभांशु शुक्ला के नेतृत्व में Axiom‑4 मिशन हुआ लॉन्च xiom‑4 मिशन: शुभांशु शुक्ला बने दूसरे भारतीय अंतरिक्ष यात्री ह्यूस्टन/नई दिल्ली, 25 जून: