Spread the loveदैनिक प्रभातवाणीदेहरादून | सोमवार, 02 मार्च 2026देशभर में मोबाइल पर APK फाइल भेजकर लोगों के बैंक खाते खाली करने वाले एक हाईटेक साइबर ठगी गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। उत्तराखंड से आकर मध्यप्रदेश के रीवा में किराये के मकान में रह रहे युवकों द्वारा संचालित इस गिरोह का गुजरात पुलिस ने रीवा पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए पर्दाफाश किया। पुलिस ने शिल्पी उपवन कॉलोनी स्थित एक फ्लैट में छापेमारी कर 13 युवकों को गिरफ्तार किया है, जो देशभर में साइबर ठगी का नेटवर्क फैलाने में जुटे थे।पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को छात्र बताकर कॉलोनी में रह रहे थे और कमरे में लैपटॉप व मोबाइल के माध्यम से साइबर फ्रॉड को अंजाम दे रहे थे। ये लोग लोगों के मोबाइल फोन पर APK फाइल भेजते थे, जिसे डाउनलोड करते ही फोन हैक हो जाता था और ठगों को बैंकिंग ऐप, ओटीपी तथा निजी डाटा तक पहुंच मिल जाती थी। इसके बाद आरोपी पीड़ितों के बैंक खातों से रकम निकाल लेते थे।विश्वविद्यालय थाना प्रभारी हितेंद्रनाथ शर्मा के अनुसार गुजरात के सूरत शहर में एक रिटायर्ड बुजुर्ग को इसी तरीके से निशाना बनाकर करीब 70 लाख रुपये की ठगी की गई थी। जांच के दौरान आरोपियों की लोकेशन रीवा में मिलने पर सूरत पुलिस टीम वहां पहुंची और स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाया गया। रविवार को की गई छापेमारी में सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर बड़ी मात्रा में मोबाइल फोन, लैपटॉप और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए।पुलिस का कहना है कि आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदलते रहते थे ताकि जांच एजेंसियों से बच सकें। प्रारंभिक पूछताछ में साइबर ठगी के संगठित नेटवर्क के संकेत मिले हैं और आशंका है कि गिरोह ने देश के कई राज्यों में लोगों को निशाना बनाया है। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके बैंक खातों तथा डिजिटल लेनदेन की जांच की जा रही है।अधिकारियों के अनुसार पूछताछ के बाद साइबर ठगी के कई अन्य मामलों का खुलासा होने की संभावना है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक या APK फाइल को डाउनलोड न करें और संदिग्ध कॉल या मैसेज मिलने पर तुरंत सतर्कता बरतें, क्योंकि साइबर अपराधी अब अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं। Post Views: 9 Post navigationखटीमा में संदिग्ध मौत से सनसनी, घर के कमरे में महिला का शव मिला, दरवाजा बाहर से था बंद
दैनिक प्रभातवाणीदेहरादून | सोमवार, 02 मार्च 2026देशभर में मोबाइल पर APK फाइल भेजकर लोगों के बैंक खाते खाली करने वाले एक हाईटेक साइबर ठगी गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। उत्तराखंड से आकर मध्यप्रदेश के रीवा में किराये के मकान में रह रहे युवकों द्वारा संचालित इस गिरोह का गुजरात पुलिस ने रीवा पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए पर्दाफाश किया। पुलिस ने शिल्पी उपवन कॉलोनी स्थित एक फ्लैट में छापेमारी कर 13 युवकों को गिरफ्तार किया है, जो देशभर में साइबर ठगी का नेटवर्क फैलाने में जुटे थे।पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को छात्र बताकर कॉलोनी में रह रहे थे और कमरे में लैपटॉप व मोबाइल के माध्यम से साइबर फ्रॉड को अंजाम दे रहे थे। ये लोग लोगों के मोबाइल फोन पर APK फाइल भेजते थे, जिसे डाउनलोड करते ही फोन हैक हो जाता था और ठगों को बैंकिंग ऐप, ओटीपी तथा निजी डाटा तक पहुंच मिल जाती थी। इसके बाद आरोपी पीड़ितों के बैंक खातों से रकम निकाल लेते थे।विश्वविद्यालय थाना प्रभारी हितेंद्रनाथ शर्मा के अनुसार गुजरात के सूरत शहर में एक रिटायर्ड बुजुर्ग को इसी तरीके से निशाना बनाकर करीब 70 लाख रुपये की ठगी की गई थी। जांच के दौरान आरोपियों की लोकेशन रीवा में मिलने पर सूरत पुलिस टीम वहां पहुंची और स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाया गया। रविवार को की गई छापेमारी में सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर बड़ी मात्रा में मोबाइल फोन, लैपटॉप और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए।पुलिस का कहना है कि आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदलते रहते थे ताकि जांच एजेंसियों से बच सकें। प्रारंभिक पूछताछ में साइबर ठगी के संगठित नेटवर्क के संकेत मिले हैं और आशंका है कि गिरोह ने देश के कई राज्यों में लोगों को निशाना बनाया है। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके बैंक खातों तथा डिजिटल लेनदेन की जांच की जा रही है।अधिकारियों के अनुसार पूछताछ के बाद साइबर ठगी के कई अन्य मामलों का खुलासा होने की संभावना है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक या APK फाइल को डाउनलोड न करें और संदिग्ध कॉल या मैसेज मिलने पर तुरंत सतर्कता बरतें, क्योंकि साइबर अपराधी अब अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं।
दैनिक प्रभातवाणीदेहरादून | सोमवार, 02 मार्च 2026देशभर में मोबाइल पर APK फाइल भेजकर लोगों के बैंक खाते खाली करने वाले एक हाईटेक साइबर ठगी गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। उत्तराखंड से आकर मध्यप्रदेश के रीवा में किराये के मकान में रह रहे युवकों द्वारा संचालित इस गिरोह का गुजरात पुलिस ने रीवा पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए पर्दाफाश किया। पुलिस ने शिल्पी उपवन कॉलोनी स्थित एक फ्लैट में छापेमारी कर 13 युवकों को गिरफ्तार किया है, जो देशभर में साइबर ठगी का नेटवर्क फैलाने में जुटे थे।पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को छात्र बताकर कॉलोनी में रह रहे थे और कमरे में लैपटॉप व मोबाइल के माध्यम से साइबर फ्रॉड को अंजाम दे रहे थे। ये लोग लोगों के मोबाइल फोन पर APK फाइल भेजते थे, जिसे डाउनलोड करते ही फोन हैक हो जाता था और ठगों को बैंकिंग ऐप, ओटीपी तथा निजी डाटा तक पहुंच मिल जाती थी। इसके बाद आरोपी पीड़ितों के बैंक खातों से रकम निकाल लेते थे।विश्वविद्यालय थाना प्रभारी हितेंद्रनाथ शर्मा के अनुसार गुजरात के सूरत शहर में एक रिटायर्ड बुजुर्ग को इसी तरीके से निशाना बनाकर करीब 70 लाख रुपये की ठगी की गई थी। जांच के दौरान आरोपियों की लोकेशन रीवा में मिलने पर सूरत पुलिस टीम वहां पहुंची और स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाया गया। रविवार को की गई छापेमारी में सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर बड़ी मात्रा में मोबाइल फोन, लैपटॉप और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए।पुलिस का कहना है कि आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदलते रहते थे ताकि जांच एजेंसियों से बच सकें। प्रारंभिक पूछताछ में साइबर ठगी के संगठित नेटवर्क के संकेत मिले हैं और आशंका है कि गिरोह ने देश के कई राज्यों में लोगों को निशाना बनाया है। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके बैंक खातों तथा डिजिटल लेनदेन की जांच की जा रही है।अधिकारियों के अनुसार पूछताछ के बाद साइबर ठगी के कई अन्य मामलों का खुलासा होने की संभावना है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक या APK फाइल को डाउनलोड न करें और संदिग्ध कॉल या मैसेज मिलने पर तुरंत सतर्कता बरतें, क्योंकि साइबर अपराधी अब अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं।