January 13, 2026

Haridwar फर्जी डॉक्टर बनकर ठगी करने वाला युवक गिरफ्तार, AIIMS में नौकरी का झूठा दावा कर लोगों से कर रहा था धोखाधड़ी

हरिद्वार में फर्जी डॉक्टर बनकर ठगी करने वाला युवक गिरफ्तार
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दैनिक प्रभातवाणी | हरिद्वार | 8 जुलाई 2025
हरिद्वार में फर्जी डॉक्टर बनकर ठगी करने वाला युवक गिरफ्तार, AIIMS में नौकरी का झूठा दावा कर लोगों से कर रहा था धोखाधड़ी

हरिद्वार पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जो खुद को डॉक्टर बताकर लोगों को ठग रहा था और दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में कार्यरत होने का झूठा दावा कर रहा था। आरोपी का नाम राज कुमार शर्मा है, जो मूल रूप से दिल्ली का निवासी है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह पिछले कई महीनों से फर्जी चिकित्सीय परामर्श देकर भोले-भाले लोगों से पैसे ऐंठ रहा था।

पुलिस को कई दिनों से शिकायत मिल रही थी कि हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में एक व्यक्ति खुद को एम्स दिल्ली का विशेषज्ञ डॉक्टर बताकर इलाज कर रहा है। लोगों ने बताया कि वह कथित डॉक्टर न केवल घर-घर जाकर इलाज की पेशकश कर रहा था, बल्कि ऑनलाइन परामर्श के नाम पर भी पैसे वसूल रहा था। जब पुलिस ने उसकी गतिविधियों की निगरानी शुरू की, तो कई अहम सुराग हाथ लगे, जिनके आधार पर राज कुमार शर्मा को हिरासत में लिया गया।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह मेडिकल क्षेत्र से जुड़ा हुआ नहीं है और न ही उसने कोई औपचारिक चिकित्सा शिक्षा प्राप्त की है। वह सिर्फ इंटरनेट से जानकारी जुटाकर और झूठी डिग्रियों के माध्यम से लोगों को भ्रमित करता था। उसने खुद को “AIIMS दिल्ली का वरिष्ठ चिकित्सक” बताकर कई मरीजों को नकली दवाइयां और इलाज की सलाह दी थी। इतना ही नहीं, उसने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल और व्हाट्सऐप स्टेटस पर भी खुद को “डॉ. राज कुमार शर्मा, AIIMS स्पेशलिस्ट” लिखा हुआ था।

हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि आरोपी के पास से कुछ जाली डॉक्यूमेंट, डॉक्टर की फर्जी मोहरें, प्रेस्क्रिप्शन पैड और नकली मेडिकल रिपोर्ट्स बरामद की गई हैं। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर मामला है, क्योंकि आरोपी की सलाह से किसी की जान भी जा सकती थी। आरोपी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 419 (छलपूर्वक व्यक्ति बनना), 420 (धोखाधड़ी), और 468 (जालसाजी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इस ठगी के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है या आरोपी अकेले ही यह सब संचालित कर रहा था। इसके अलावा, जिन लोगों का उसने इलाज किया था, उनकी सूची तैयार की जा रही है ताकि मेडिकल जाँच कर उन्हें सही इलाज उपलब्ध कराया जा सके।

स्थानीय लोगों ने पुलिस की तत्परता की सराहना की है और इस प्रकार की घटनाओं से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने जनता से अनुरोध किया है कि किसी भी डॉक्टर की पहचान या डिग्री की जानकारी बिना जांचे-परखे उस पर भरोसा न करें।

– रिपोर्ट: दैनिक प्रभातवाणी संवाददाता, हरिद्वार
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