उत्तराखंड हाईकोर्ट भवन, जहां कक्षा 11 के छात्र के भविष्य से जुड़ा अहम फैसला सुनाया गयाउत्तराखंड हाईकोर्ट ने CBSE के कठोर रुख को निरस्त करते हुए कक्षा 11 के छात्र की दो साल की पढ़ाई बर्बाद होने से बचाई।
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देहरादून, 22 जनवरी 2026 — उत्तराखंड के सबसे बड़े भर्ती घोटालों में से एक, UKSSSC पेपर लीक कांड, के मास्टरमाइंड हाकम सिंह को उत्तराखंड हाईकोर्ट ने बुधवार को ज़मानत दे दी। इससे पहले उनके सहयोगी पंकज गौड़ को 14 जनवरी 2026 को ज़मानत मिल चुकी थी। हाकम सिंह करीब 13 महीने जेल में रहने के बाद अब रिहा होंगे।

मामले की पृष्ठभूमि

2022 में हुए UKSSSC (उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग) के पेपर लीक कांड ने राज्य में सनसनी फैला दी थी। इस कांड में हाकम सिंह और पंकज गौड़ पर आरोप था कि वे अभ्यर्थियों से ₹12 से ₹15 लाख तक लेकर उन्हें परीक्षा पास कराने का झांसा दे रहे थे

इस घोटाले के कारण आयोग ने कई परीक्षाएँ रद्द करनी पड़ीं, जिनमें शामिल हैं:

  • ग्रेजुएट लेवल भर्ती परीक्षा (5 दिसंबर 2021)

  • फॉरेस्ट इंस्पेक्टर भर्ती

  • सचिवालय गार्ड भर्ती

  • ड्राइवर और मत्स्य निरीक्षक जैसी अन्य भर्ती परीक्षाएँ।

हाईकोर्ट में तर्क

हाईकोर्ट में हाकम सिंह के वकील ने दलील दी कि उनके खिलाफ कोई ठोस प्रमाण नहीं है जो यह साबित करे कि उन्होंने सीधे तौर पर किसी परीक्षा में धोखाधड़ी कराई। वकील का कहना था कि हाकम सिंह पर केवल पिछले आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर दबाव बनाया गया

इस दलील को सुनने के बाद कोर्ट ने उन्हें ज़मानत दे दी। पंकज गौड़ को पहले ही 14 जनवरी को ज़मानत मिल चुकी थी।

कानूनी प्रक्रिया और जेल में समय

हाकम सिंह को जेल में लगभग 13 महीने बिताने पड़े। इससे पहले उन्हें सुप्रीम कोर्ट से भी कुछ राहत मिली थी। ज़मानत मिलने के बाद अब वह बाहर आकर अपने परिवार के साथ रह सकेंगे, लेकिन मामला अभी भी न्यायालय में विचाराधीन है।

विशेषज्ञों का दृष्टिकोण

विशेषज्ञों के अनुसार, इस कांड ने उत्तराखंड में भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी और भ्रष्टाचार की जड़ें उजागर की हैं। आयोग को अब अपनी परीक्षा प्रक्रिया को और मजबूत करना होगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ रोकी जा सकें।

सामाजिक दृष्टिकोण से भी यह मामला महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह राज्य में युवाओं की नौकरी पाने की उम्मीदों पर असर डालता है। कई अभ्यर्थियों ने न्याय मिलने की उम्मीद जताई है।

राज्य में प्रतिक्रिया

उत्तराखंड में इस खबर के बाद लोगों में मिश्रित प्रतिक्रिया है। कुछ लोग कोर्ट के निर्णय से संतुष्ट हैं, जबकि कई लोग अभी भी इस घोटाले में सख्त सजा की मांग कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है।

दैनिक प्रभातवाणी 

UKSSSC पेपर लीक कांड ने राज्य में भर्ती प्रणाली में गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाकम सिंह की ज़मानत से यह मामला नई दिशा में गया है, लेकिन न्याय और पारदर्शिता की मांग अब भी मजबूत है। आयोग को अब भविष्य में ऐसी धोखाधड़ी को रोकने के लिए सख्त और पारदर्शी कदम उठाने होंगे