Spread the loveदेहरादून, उत्तराखंड | 11 फ़रवरी 2026 | दैनिक प्रभातवाणीदेहरादून। उत्तराखंड सरकार ने कैबिनेट बैठक में राज्य के प्रशासनिक, सामाजिक और स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इन फैसलों को सरकार की नशा-मुक्त उत्तराखंड की नीति, श्रमिक हित संरक्षण और बेहतर सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के लक्ष्य से जोड़कर देखा जा रहा है। कैबिनेट के निर्णयों से स्पष्ट संकेत मिलता है कि राज्य सरकार अब ड्रग अपराधों पर सख्त नियंत्रण, वन विभाग में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की दशा सुधारने और ESI स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता बढ़ाने को प्राथमिकता दे रही है।कैबिनेट ने Anti-Narcotics Task Force (ANTF) की शक्तियों और संरचना को और अधिक मजबूत करने का निर्णय लिया है। राज्य में बढ़ते नशे के मामलों और ड्रग तस्करी की चुनौती को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। अब एएनटीएफ को अधिक प्रभावी बनाने के लिए उसके अधिकारों का विस्तार किया जाएगा, ताकि नशीले पदार्थों की तस्करी, बिक्री और नेटवर्क पर सख्ती से कार्रवाई की जा सके। सरकार का मानना है कि एएनटीएफ को मजबूत किए जाने से पुलिस, खुफिया तंत्र और अन्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और संगठित ड्रग माफिया पर निर्णायक प्रहार किया जा सकेगा। यह फैसला विशेष रूप से युवाओं को नशे की लत से बचाने और समाज को सुरक्षित बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।वन विभाग से जुड़े कर्मचारियों के लिए भी कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है। लंबे समय से दैनिक वेतन पर कार्य कर रहे वन विभाग के कर्मचारियों को अब न्यूनतम वेतन देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। यह निर्णय उन कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आया है, जो वर्षों से सीमित आय में कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे थे। सरकार का कहना है कि न्यूनतम वेतन मिलने से इन कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और वे अधिक सुरक्षित व सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे। साथ ही इससे वन संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और विभागीय कार्यों में भी सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने ESI स्वास्थ्य सेवा के अंतर्गत कई नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी है। राज्य में ESI अस्पतालों और चिकित्सा इकाइयों में लंबे समय से डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य तकनीकी कर्मचारियों की कमी महसूस की जा रही थी। नए पदों के सृजन से इस कमी को दूर करने में मदद मिलेगी और कर्मचारियों व उनके आश्रितों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मजबूत मानव संसाधन के बिना गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं संभव नहीं हैं, इसलिए यह निर्णय स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।कुल मिलाकर, उत्तराखंड कैबिनेट के ये फैसले राज्य की प्रशासनिक प्राथमिकताओं को दर्शाते हैं। नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई, श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार—इन तीनों मोर्चों पर सरकार ने स्पष्ट दिशा तय की है। आने वाले समय में इन निर्णयों का असर जमीनी स्तर पर दिखेगा और राज्य के सामाजिक व प्रशासनिक तंत्र को नई मजबूती मिलने की उम्मीद की जा रही है।— दैनिक प्रभातवाणी Post Views: 12 Post navigationभीषण सड़क हादसा, खाई में गिरा वाहन; तीन महिलाओं की मौत, कई घायल कांग्रेस ने बजट सत्र लंबा करने की माँग की, मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर उठाए अहम सवाल
देहरादून, उत्तराखंड | 11 फ़रवरी 2026 | दैनिक प्रभातवाणीदेहरादून। उत्तराखंड सरकार ने कैबिनेट बैठक में राज्य के प्रशासनिक, सामाजिक और स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इन फैसलों को सरकार की नशा-मुक्त उत्तराखंड की नीति, श्रमिक हित संरक्षण और बेहतर सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के लक्ष्य से जोड़कर देखा जा रहा है। कैबिनेट के निर्णयों से स्पष्ट संकेत मिलता है कि राज्य सरकार अब ड्रग अपराधों पर सख्त नियंत्रण, वन विभाग में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की दशा सुधारने और ESI स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता बढ़ाने को प्राथमिकता दे रही है।कैबिनेट ने Anti-Narcotics Task Force (ANTF) की शक्तियों और संरचना को और अधिक मजबूत करने का निर्णय लिया है। राज्य में बढ़ते नशे के मामलों और ड्रग तस्करी की चुनौती को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। अब एएनटीएफ को अधिक प्रभावी बनाने के लिए उसके अधिकारों का विस्तार किया जाएगा, ताकि नशीले पदार्थों की तस्करी, बिक्री और नेटवर्क पर सख्ती से कार्रवाई की जा सके। सरकार का मानना है कि एएनटीएफ को मजबूत किए जाने से पुलिस, खुफिया तंत्र और अन्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और संगठित ड्रग माफिया पर निर्णायक प्रहार किया जा सकेगा। यह फैसला विशेष रूप से युवाओं को नशे की लत से बचाने और समाज को सुरक्षित बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।वन विभाग से जुड़े कर्मचारियों के लिए भी कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है। लंबे समय से दैनिक वेतन पर कार्य कर रहे वन विभाग के कर्मचारियों को अब न्यूनतम वेतन देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। यह निर्णय उन कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आया है, जो वर्षों से सीमित आय में कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे थे। सरकार का कहना है कि न्यूनतम वेतन मिलने से इन कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और वे अधिक सुरक्षित व सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे। साथ ही इससे वन संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और विभागीय कार्यों में भी सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने ESI स्वास्थ्य सेवा के अंतर्गत कई नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी है। राज्य में ESI अस्पतालों और चिकित्सा इकाइयों में लंबे समय से डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य तकनीकी कर्मचारियों की कमी महसूस की जा रही थी। नए पदों के सृजन से इस कमी को दूर करने में मदद मिलेगी और कर्मचारियों व उनके आश्रितों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मजबूत मानव संसाधन के बिना गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं संभव नहीं हैं, इसलिए यह निर्णय स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।कुल मिलाकर, उत्तराखंड कैबिनेट के ये फैसले राज्य की प्रशासनिक प्राथमिकताओं को दर्शाते हैं। नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई, श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार—इन तीनों मोर्चों पर सरकार ने स्पष्ट दिशा तय की है। आने वाले समय में इन निर्णयों का असर जमीनी स्तर पर दिखेगा और राज्य के सामाजिक व प्रशासनिक तंत्र को नई मजबूती मिलने की उम्मीद की जा रही है।— दैनिक प्रभातवाणी