Spread the love देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने इस साल के चार धाम यात्रा (Char Dham Yatra 2026) के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा को और मजबूत बनाने हेतु ‘ई‑स्वास्थ्य धाम’ (e‑Swasthya Dham) कार्यक्रम लागू किया है। यह पहल तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य स्थिति की वास्तविक‑समय निगरानी (real-time monitoring) सुनिश्चित करेगी। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस योजना के अंतर्गत चार धाम स्थलों और यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य केंद्रों और मोबाइल हेल्थ यूनिट्स को डिजिटल रूप से जोड़ा जाएगा। तीर्थयात्रियों के लिए यह सुविधा उपलब्ध कराएगी कि वे अपनी स्वयं की स्वास्थ्य रिपोर्ट दर्ज कर सकें और जरूरत पड़ने पर तुरंत नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क कर सकें। यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा यात्रियों के रक्तचाप, शुगर स्तर और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य पैरामीटर्स की डिजिटल जांच की जाएगी। इससे किसी भी आपातकालीन स्थिति का समय पर पता लगाया जा सकेगा और तुरंत उचित चिकित्सा सहायता प्रदान की जा सकेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह पहल खासतौर पर उन यात्रियों के लिए लाभकारी होगी जो लंबी दूरी तय करते समय पहाड़ी क्षेत्रों की कठिनाइयों, जैसे हाइपोथर्मिया, एटिट्यूड सिकनेस या सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करते हैं। उत्तराखंड सरकार ने इस योजना को डिजिटल स्वास्थ्य निगरानी का नया मानक बनाने के उद्देश्य से तैयार किया है। ‘ई‑स्वास्थ्य धाम’ कार्यक्रम से चार धाम यात्रा न केवल सुरक्षित बनेगी, बल्कि तीर्थयात्रियों को स्वयं की स्वास्थ्य स्थिति पर नियंत्रण रखने का अवसर भी मिलेगा। Post Views: 10 Post navigation मौसम ने बदली करवट: उत्तराखंड में बारिश-बर्फबारी, कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट उत्तराखंड सरकार पर CIABC का आरोप: विदेशी शराब को तरजीह, भारतीय ब्रांडों के साथ भेदभाव
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने इस साल के चार धाम यात्रा (Char Dham Yatra 2026) के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा को और मजबूत बनाने हेतु ‘ई‑स्वास्थ्य धाम’ (e‑Swasthya Dham) कार्यक्रम लागू किया है। यह पहल तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य स्थिति की वास्तविक‑समय निगरानी (real-time monitoring) सुनिश्चित करेगी। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस योजना के अंतर्गत चार धाम स्थलों और यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य केंद्रों और मोबाइल हेल्थ यूनिट्स को डिजिटल रूप से जोड़ा जाएगा। तीर्थयात्रियों के लिए यह सुविधा उपलब्ध कराएगी कि वे अपनी स्वयं की स्वास्थ्य रिपोर्ट दर्ज कर सकें और जरूरत पड़ने पर तुरंत नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क कर सकें। यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा यात्रियों के रक्तचाप, शुगर स्तर और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य पैरामीटर्स की डिजिटल जांच की जाएगी। इससे किसी भी आपातकालीन स्थिति का समय पर पता लगाया जा सकेगा और तुरंत उचित चिकित्सा सहायता प्रदान की जा सकेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह पहल खासतौर पर उन यात्रियों के लिए लाभकारी होगी जो लंबी दूरी तय करते समय पहाड़ी क्षेत्रों की कठिनाइयों, जैसे हाइपोथर्मिया, एटिट्यूड सिकनेस या सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करते हैं। उत्तराखंड सरकार ने इस योजना को डिजिटल स्वास्थ्य निगरानी का नया मानक बनाने के उद्देश्य से तैयार किया है। ‘ई‑स्वास्थ्य धाम’ कार्यक्रम से चार धाम यात्रा न केवल सुरक्षित बनेगी, बल्कि तीर्थयात्रियों को स्वयं की स्वास्थ्य स्थिति पर नियंत्रण रखने का अवसर भी मिलेगा।