Spread the loveदेहरादून। दैनिक प्रभातवाणी। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर बेहद सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने 19 और 20 जुलाई के लिए राज्य के कई जिलों में भारी से अत्यंत भारी वर्षा का रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश के साथ तेज गर्जना, बिजली चमकने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क अवरोध, जलभराव और नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने की आशंका जताई गई है। इन जिलों में सबसे अधिक खतरा मौसम विभाग के अनुसार नैनीताल, चम्पावत और उधम सिंह नगर जिलों में अत्यंत भारी वर्षा होने की संभावना है। इन जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में बादल फटने जैसी स्थानीय घटनाओं से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इसके अलावा देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल और टिहरी गढ़वाल में भी भारी वर्षा, तेज आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। अन्य पर्वतीय जिलों में भी कई स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना बनी हुई है। चारधाम यात्रा और पर्यटन पर असर लगातार हो रही बारिश का असर चारधाम यात्रा और पर्यटन गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। प्रशासन ने यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले मौसम और सड़क मार्ग की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण सड़कें बंद होने का खतरा बना हुआ है, जिससे यातायात प्रभावित हो सकता है। ट्रैकिंग रूट किए गए बंद सावधानी के तौर पर प्रशासन ने राज्य के विभिन्न ट्रैकिंग रूट अस्थायी रूप से बंद कर दिए हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटकों और ट्रैकर्स को फिलहाल यात्रा स्थगित करने की सलाह दी गई है। वन विभाग और पर्यटन विभाग को भी आवश्यक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सभी जिलों में प्रशासन हाई अलर्ट पर मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद राज्य के सभी जिलाधिकारियों (DM), पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, विद्युत विभाग और स्वास्थ्य विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सभी अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने, राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। भूस्खलन और बाढ़ का बढ़ा खतरा लगातार वर्षा के कारण पर्वतीय जिलों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ सकती हैं। वहीं मैदानी क्षेत्रों में जलभराव और छोटी नदियों-नालों के उफान पर आने की संभावना है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। संवेदनशील ढलानों पर रहने वाले परिवारों को आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा सकता है। लोगों के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी अनावश्यक यात्रा करने से बचें। मौसम विभाग और जिला प्रशासन की आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें। नदी, नाले और बरसाती गदेरों के आसपास न जाएं। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन संभावित स्थानों पर वाहन न रोकें। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। यात्रा पर निकलने से पहले सड़क और मौसम की ताजा जानकारी अवश्य लें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल जिला प्रशासन, पुलिस या आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन से संपर्क करें। अगले 48 घंटे रहेंगे बेहद महत्वपूर्ण मौसम विभाग का कहना है कि मानसून फिलहाल पूरे उत्तराखंड में सक्रिय बना हुआ है। अगले 48 घंटे विशेष रूप से संवेदनशील रहेंगे। यदि भारी वर्षा का दौर जारी रहता है तो कई स्थानों पर भूस्खलन, सड़क अवरोध, पेड़ गिरने और जलभराव की घटनाएं बढ़ सकती हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की अपील की है। जनहित में सलाह: यदि आपकी यात्रा अत्यंत आवश्यक न हो तो अगले दो दिनों तक उसे टालना ही सुरक्षित रहेगा। Post Views: 2 Post navigation उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट: कई जिलों में हाई अलर्ट, रुद्रप्रयाग के बसुकेदार में भू-धंसाव से बढ़ी चिंता गढ़वाली फिल्म ‘ढोली’ ने रचा इतिहास, 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में जीता रजत कमल