Spread the loveदेहरादून, दैनिक प्रभातवाणी। राणा परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा है, जिसने पूरे खेल जगत और उत्तराखंड को गमगीन कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज और कोच स्वर्गीय जसपाल राणा के निधन के महज 16 दिन बाद उनकी माता श्यामा देवी (78 वर्ष) का भी निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली स्थित सैन्य अस्पताल (आर एंड आर) में अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से कैंसर और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही थीं और पिछले कुछ समय से उनका स्वास्थ्य लगातार नाजुक बना हुआ था। परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, इकलौते बेटे जसपाल राणा के असमय निधन ने श्यामा देवी को भीतर तक तोड़ दिया था। 12 जून 2026 को जसपाल राणा का 49 वर्ष की आयु में कार्डियक अरेस्ट के कारण आकस्मिक निधन हो गया था। बेटे के निधन की खबर के बाद श्यामा देवी गहरे मानसिक सदमे में चली गई थीं। परिजनों के मुताबिक, उन्होंने इस दुख को कभी स्वीकार नहीं कर पाईं और उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। आखिरकार, बेटे के निधन के 16 दिन बाद उन्होंने भी इस दुनिया को अलविदा कह दिया। इस पूरे घटनाक्रम को और भी मार्मिक बनाने वाला एक दुखद संयोग यह रहा कि श्यामा देवी का निधन 28 जून को हुआ, जो स्वर्गीय जसपाल राणा का 50वां जन्मदिन भी था। जिस दिन परिवार और उनके प्रशंसक उनके जन्मदिन को याद कर रहे थे, उसी दिन मां के निधन की खबर ने सभी को स्तब्ध कर दिया। राणा परिवार के लिए यह तारीख हमेशा के लिए गहरे दुख और पीड़ा की याद बन गई है। श्यामा देवी, उत्तराखंड के पूर्व खेल मंत्री और द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता नारायण सिंह राणा की पत्नी थीं। राणा परिवार लंबे समय से खेलों, विशेषकर निशानेबाजी, के क्षेत्र में देश की सेवा करता रहा है। इस परिवार ने न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश को खेलों में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे प्रतिष्ठित परिवार पर इतने कम समय में आई दोहरी त्रासदी ने हर किसी को भावुक कर दिया है। जसपाल राणा भारतीय निशानेबाजी के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल रहे, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश को अनेक पदक दिलाकर गौरवान्वित किया। अपने शानदार खेल करियर के बाद उन्होंने कोच की भूमिका में भी भारतीय निशानेबाजी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का काम किया। उनके मार्गदर्शन में कई युवा खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और भारत को गौरव दिलाया। श्यामा देवी के निधन की खबर सामने आने के बाद खेल जगत, राजनीतिक क्षेत्र और उत्तराखंड के विभिन्न सामाजिक संगठनों में शोक की लहर दौड़ गई। खिलाड़ियों, कोचों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने राणा परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। लोगों का कहना है कि इतने कम समय में मां और बेटे का दुनिया से चले जाना किसी भी परिवार के लिए असहनीय पीड़ा है। पूरे प्रदेश ने इस दुख की घड़ी में राणा परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की है। Post Views: 2 Post navigation देहरादून के प्रिंस चौक के पास चौहान मार्केट में भीषण आग, कार एसेसरीज की दुकान और गोदाम जलकर राख हरिद्वार में दर्दनाक सड़क हादसा: रोडवेज बस और पिकअप की आमने-सामने भिड़ंत, मां-बेटे समेत 3 की मौत, कई गंभीर