Spread the loveहरिद्वार, दैनिक प्रभातवाणी। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में सोमवार तड़के एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। श्यामपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत नजीबाबाद हाईवे फ्लाईओवर पर रोडवेज बस और पिकअप वाहन के बीच हुई भीषण आमने-सामने की टक्कर में मां-बेटे समेत तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार से पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भयावह था कि पिकअप वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार कई लोग फ्लाईओवर से नीचे जा गिरे। जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना सोमवार तड़के करीब 4:30 बजे हुई। टनकपुर डिपो की रोडवेज बस नजीबाबाद से हरिद्वार की ओर आ रही थी, जबकि उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के बढ़ापुर क्षेत्र का एक परिवार चंडीगढ़ से पिकअप वाहन में सवार होकर अपने घर लौट रहा था। जब दोनों वाहन श्यामपुर क्षेत्र में नजीबाबाद हाईवे फ्लाईओवर के मोड़ के पास पहुंचे, तभी उनकी आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। हरिद्वार के एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में रोडवेज बस चालक ने बताया कि वाहन चलाते समय उसे झपकी आ गई थी। आशंका जताई जा रही है कि चालक के कुछ क्षण के लिए नियंत्रण खोने के कारण बस सामने से आ रहे पिकअप वाहन से टकरा गई। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, पिकअप वाहन का पिछला हिस्सा खुला हुआ था और उसमें करीब नौ से दस लोग सवार थे। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप में बैठे तीन से चार लोग सीधे फ्लाईओवर से नीचे सूखी नदी के पुल पर जा गिरे। ऊंचाई से गिरने के कारण उन्हें गंभीर चोटें आईं और तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान उत्तर प्रदेश के बिजनौर निवासी शबाना (35 वर्ष) और उनके 18 वर्षीय बेटे अहान के रूप में हुई है। तीसरे मृतक, जो लगभग 35 वर्ष का पुरुष बताया जा रहा है, उसकी पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। मां और बेटे की एक साथ मौत की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया है। हादसे की सूचना मिलते ही श्यामपुर थाना पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल रेस्क्यू कर उपचार के लिए उच्च चिकित्सा केंद्रों में भेजा गया। कुछ घायलों को एम्स ऋषिकेश और जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार, कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। दुर्घटना के बाद नजीबाबाद हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इसके बाद पुलिस ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त बस और पिकअप वाहन को हटाया तथा यातायात को धीरे-धीरे सामान्य कराया। यह हादसा एक बार फिर लंबी दूरी की यात्रा के दौरान चालक की थकान और नींद के खतरे को उजागर करता है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार वाहन चलाने वाले चालकों को पर्याप्त आराम करना चाहिए, क्योंकि कुछ सेकंड की झपकी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। हरिद्वार का यह दर्दनाक हादसा कई परिवारों को गहरा जख्म दे गया और क्षेत्र में शोक का माहौल बना हुआ है। Post Views: 2 Post navigation जसपाल राणा की मौत के 16 दिन बाद मां श्यामा देवी का निधन, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ शारीरिक प्रशिक्षित बेरोजगारों ने किया शिक्षा मंत्री आवास का घेराव, मांग पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी