देहरादून के प्रिंस चौक के पास चौहान मार्केट में भीषण आग, कार एसेसरीज की दुकान और गोदाम जलकर राख
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देहरादून, दैनिक प्रभातवाणी। राजधानी देहरादून के व्यस्ततम व्यावसायिक क्षेत्रों में शामिल प्रिंस चौक के समीप त्यागी रोड स्थित चौहान मार्केट में सोमवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ‘खालसा कार एसेसरीज’ की दुकान और उससे जुड़े गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे बाजार क्षेत्र में धुएं का गुबार फैल गया। घटना के समय बाजार में भारी भीड़ होने के कारण आसपास मौजूद लोगों में दहशत का माहौल बन गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुकान से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया, जिसके कुछ ही देर बाद आग की लपटें तेजी से बाहर निकलने लगीं। दुकान में बड़ी मात्रा में कार एसेसरीज, प्लास्टिक सामग्री, सीट कवर और अन्य ज्वलनशील सामान रखा हुआ था, जिसके कारण आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया। आग की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और दमकल विभाग को जानकारी दी।

घटना की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग की सात से अधिक गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। फायर ब्रिगेड की टीमों ने कई घंटों तक लगातार राहत एवं बचाव अभियान चलाकर आग को नियंत्रित करने का प्रयास किया। बाजार क्षेत्र घनी आबादी के बीच स्थित होने के कारण आग के आसपास की दुकानों तक फैलने की आशंका बनी हुई थी। दमकल कर्मियों ने समय रहते मोर्चा संभालते हुए आग को अन्य प्रतिष्ठानों तक पहुंचने से रोकने के लिए लगातार पानी की बौछार की।

आग लगने के बाद त्यागी रोड और प्रिंस चौक क्षेत्र में भारी जाम की स्थिति पैदा हो गई। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के आसपास एकत्र हो गए, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। स्थानीय पुलिस ने तत्काल सुरक्षा घेरा बनाकर लोगों को सुरक्षित दूरी पर किया और ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों की ओर डायवर्ट करने की कार्रवाई शुरू की। पुलिस और प्रशासन की टीमों ने एहतियात के तौर पर आसपास के दुकानदारों को भी सतर्क रहने की सलाह दी।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दुकान और गोदाम में रखा लाखों रुपये मूल्य का सामान जलकर राख हो गया है। हालांकि, नुकसान का वास्तविक आकलन आग पूरी तरह बुझने और जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगा। घटना में किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली है, जिसे प्रशासन ने बड़ी राहत माना है।

आग लगने के कारणों का अभी तक आधिकारिक रूप से खुलासा नहीं हुआ है। हालांकि प्रथम दृष्टया इस घटना को शॉर्ट सर्किट से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस और फायर विभाग की टीमें घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने में लगी हुई हैं और आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।

इस घटना ने एक बार फिर घनी आबादी और बाजार क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ज्वलनशील सामग्री रखने वाले प्रतिष्ठानों में अग्निशमन उपकरण, सुरक्षित विद्युत व्यवस्था और नियमित सुरक्षा निरीक्षण बेहद आवश्यक हैं, ताकि ऐसी घटनाओं से होने वाले बड़े नुकसान को रोका जा सके।