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टिहरी जनपद से चारधाम यात्रा के दौरान एक बड़ी दुर्घटना की खबर सामने आई है, जहां श्रद्धालुओं से भरा एक टेम्पो ट्रैवलर हादसे का शिकार हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि चालक की सूझबूझ और समय पर नियंत्रण के चलते एक बड़ा हादसा टल गया और सभी यात्रियों की जान सुरक्षित बचा ली गई। यह घटना धनौल्टी क्षेत्र के नगुन-सुवाखोली मोटरमार्ग पर नागराजा धार के समीप घटित हुई, जहां वाहन का ब्रेक अचानक फेल हो गया और वह अनियंत्रित होकर पहाड़ी से टकरा गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वाहन संख्या HR 65A0859 में कुल 23 यात्री सवार थे, जो सभी दिल्ली के निवासी बताए जा रहे हैं। ये श्रद्धालु 30 अप्रैल की शाम लगभग 4 बजे दिल्ली से गंगोत्री धाम के दर्शन के लिए रवाना हुए थे। यात्रा के दौरान रात में मसूरी में विश्राम करने के बाद 1 मई की सुबह उन्होंने आगे की यात्रा शुरू की। दोपहर लगभग 2:10 बजे जैसे ही वाहन नागराजा धार के पास पहुंचा, अचानक ब्रेक फेल हो गया और वाहन अनियंत्रित हो गया।

टिहरी में टला बड़ा सड़क हादसा, ब्रेक फेल होने से अनियंत्रित हुआ टेम्पो ट्रैवलर, 23 यात्रियों की जान बाल-बाल बची टिहरी जनपद से चारधाम यात्रा के दौरान एक बड़ी दुर्घटना की खबर सामने आई है, जहां श्रद्धालुओं से भरा एक टेम्पो ट्रैवलर हादसे का शिकार हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि चालक की सूझबूझ और समय पर नियंत्रण के चलते एक बड़ा हादसा टल गया और सभी यात्रियों की जान सुरक्षित बचा ली गई। यह घटना धनौल्टी क्षेत्र के नगुन-सुवाखोली मोटरमार्ग पर नागराजा धार के समीप घटित हुई, जहां वाहन का ब्रेक अचानक फेल हो गया और वह अनियंत्रित होकर पहाड़ी से टकरा गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वाहन संख्या HR 65A0859 में कुल 23 यात्री सवार थे, जो सभी दिल्ली के निवासी बताए जा रहे हैं। ये श्रद्धालु 30 अप्रैल की शाम लगभग 4 बजे दिल्ली से गंगोत्री धाम के दर्शन के लिए रवाना हुए थे। यात्रा के दौरान रात में मसूरी में विश्राम करने के बाद 1 मई की सुबह उन्होंने आगे की यात्रा शुरू की। दोपहर लगभग 2:10 बजे जैसे ही वाहन नागराजा धार के पास पहुंचा, अचानक ब्रेक फेल हो गया और वाहन अनियंत्रित हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, चालक ने अत्यंत सूझबूझ का परिचय देते हुए वाहन को सड़क के बाहर खाई की ओर जाने से रोकते हुए अंदर की दिशा में मोड़ दिया। वाहन सड़क किनारे बनी नाली में फंस गया और पहाड़ी से टकराकर रुक गया। यदि वाहन खाई की ओर चला जाता, तो स्थिति बेहद भयावह हो सकती थी और बड़ा जनहानि का खतरा बन सकता था। चालक की तत्परता और निर्णय क्षमता ने 23 लोगों की जान बचा ली। घटना की सूचना मिलते ही थाना छाम पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। दुर्घटना में घायल पांच यात्रियों को 108 एंबुलेंस के माध्यम से चिन्यालीसौड़ के नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। अन्य सभी यात्रियों को सुरक्षित निकालकर वैकल्पिक वाहन से उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया। पुलिस द्वारा चालक जगजीत सिंह, निवासी कुरुक्षेत्र से पूछताछ की गई। चालक ने बताया कि वाहन का ब्रेक अचानक फेल हो गया था, जिसके कारण वह नियंत्रण खो बैठा। प्रारंभिक जांच में भी तकनीकी खराबी को ही दुर्घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है। घायलों में कपिल अरोड़ा (53 वर्ष), डिम्पी (40 वर्ष), ध्रुव (22 वर्ष), नीता (53 वर्ष) और प्रेम दास शामिल हैं। सभी घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और वे खतरे से बाहर हैं। यह घटना एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा के दौरान सतर्कता और वाहन की तकनीकी जांच की आवश्यकता को रेखांकित करती है। विशेष रूप से चारधाम यात्रा जैसे धार्मिक मार्गों पर, जहां तीखे मोड़, संकरी सड़कें और गहरी खाइयों का खतरा बना रहता है, वहां वाहनों की फिटनेस और चालक की सावधानी अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए यात्रा से पहले वाहन की पूरी जांच और सुरक्षित ड्राइविंग का पालन करना बेहद जरूरी है।

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, चालक ने अत्यंत सूझबूझ का परिचय देते हुए वाहन को सड़क के बाहर खाई की ओर जाने से रोकते हुए अंदर की दिशा में मोड़ दिया। वाहन सड़क किनारे बनी नाली में फंस गया और पहाड़ी से टकराकर रुक गया। यदि वाहन खाई की ओर चला जाता, तो स्थिति बेहद भयावह हो सकती थी और बड़ा जनहानि का खतरा बन सकता था। चालक की तत्परता और निर्णय क्षमता ने 23 लोगों की जान बचा ली।

घटना की सूचना मिलते ही थाना छाम पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। दुर्घटना में घायल पांच यात्रियों को 108 एंबुलेंस के माध्यम से चिन्यालीसौड़ के नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। अन्य सभी यात्रियों को सुरक्षित निकालकर वैकल्पिक वाहन से उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।

पुलिस द्वारा चालक जगजीत सिंह, निवासी कुरुक्षेत्र से पूछताछ की गई। चालक ने बताया कि वाहन का ब्रेक अचानक फेल हो गया था, जिसके कारण वह नियंत्रण खो बैठा। प्रारंभिक जांच में भी तकनीकी खराबी को ही दुर्घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है।

घायलों में कपिल अरोड़ा (53 वर्ष), डिम्पी (40 वर्ष), ध्रुव (22 वर्ष), नीता (53 वर्ष) और प्रेम दास शामिल हैं। सभी घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और वे खतरे से बाहर हैं।

यह घटना एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा के दौरान सतर्कता और वाहन की तकनीकी जांच की आवश्यकता को रेखांकित करती है। विशेष रूप से चारधाम यात्रा जैसे धार्मिक मार्गों पर, जहां तीखे मोड़, संकरी सड़कें और गहरी खाइयों का खतरा बना रहता है, वहां वाहनों की फिटनेस और चालक की सावधानी अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए यात्रा से पहले वाहन की पूरी जांच और सुरक्षित ड्राइविंग का पालन करना बेहद जरूरी है।