Spread the loveदेहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से भ्रष्टाचार को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। देहरादून-ऋषिकेश मार्ग पर स्थित हर्रावाला क्षेत्र में परिवहन विभाग के एक इंस्पेक्टर पर ट्रांसपोर्ट कारोबारियों से लंबे समय से रिश्वत वसूलने के आरोप लगे हैं। मामला उस समय सुर्खियों में आ गया जब कथित तौर पर वसूली के लिए पहुंचे इंस्पेक्टर को स्थानीय ट्रांसपोर्टरों ने एक दुकान के अंदर बंद कर दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मेज पर नोटों की गड्डियां दिखाई दे रही हैं और अधिकारी दुकान के अंदर फंसा नजर आ रहा है।बताया जा रहा है कि हर्रावाला क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोग लंबे समय से परिवहन विभाग के कुछ अधिकारियों पर अवैध वसूली का आरोप लगा रहे थे। कारोबारियों का दावा है कि उनसे हर महीने नियमित रूप से पैसे मांगे जाते थे। सोमवार को जब संबंधित इंस्पेक्टर कथित रूप से दोबारा वसूली के लिए पहुंचा, तब ट्रांसपोर्टरों का गुस्सा फूट पड़ा। आरोप है कि कारोबारियों ने अधिकारी को एक दुकान के अंदर बैठा लिया और बाहर से शटर बंद कर दिया। घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और क्षेत्र में हड़कंप मच गया।सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दुकान के अंदर मेज पर रखी नोटों की गड्डियां साफ दिखाई दे रही हैं। वीडियो में कुछ लोग अधिकारी पर रिश्वत लेने के आरोप लगाते सुनाई दे रहे हैं। हालांकि वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है, लेकिन मामला सामने आने के बाद परिवहन विभाग और प्रशासन में खलबली मच गई है। लोगों के बीच यह वीडियो तेजी से साझा किया जा रहा है और भ्रष्टाचार को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने स्थिति को संभालते हुए संबंधित अधिकारी को वहां से बाहर निकाला। मामले की गंभीरता को देखते हुए परिवहन विभाग ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। संदीप सैनी ने बताया कि परिवहन सचिव ने पूरे मामले का संज्ञान लिया है और आरोपी इंस्पेक्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।सूत्रों के अनुसार विभागीय स्तर पर प्रारंभिक जांच भी शुरू कर दी गई है। साथ ही विजिलेंस जांच की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि आरोपी अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है या नहीं। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो और शिकायतों के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है और सभी पक्षों से पूछताछ की जाएगी।घटना के बाद स्थानीय ट्रांसपोर्ट कारोबारियों में भारी नाराजगी देखने को मिली। कई व्यापारियों ने आरोप लगाया कि परिवहन विभाग के कुछ कर्मचारी लंबे समय से ट्रांसपोर्टरों को परेशान कर रहे थे। उनका कहना है कि बार-बार अवैध वसूली से कारोबार प्रभावित हो रहा था और कई लोग आर्थिक दबाव में आ चुके थे। कारोबारियों ने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।यह मामला सामने आने के बाद उत्तराखंड में सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार को लेकर बहस तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि ट्रांसपोर्टरों ने अधिकारी को पकड़कर वीडियो न बनाया होता तो मामला शायद सामने ही नहीं आता। वहीं कुछ लोग कानून को हाथ में लेने के तरीके पर भी सवाल उठा रहे हैं। राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की नजर अब इस मामले में होने वाली आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है। Post Views: 2 Post navigationदेहरादून-ऋषिकेश हाईवे पर बड़ा हादसा, सात मोड़ के पास दो बसों और कार की भिड़ंत, 5 घायल टिहरी पुलिस की तत्परता से टला बड़ा हादसा, मॉरीशस से आए चारधाम यात्रियों की बचाई जान