Spread the love देहरादून में आयोजित उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान राजनीतिक माहौल उस समय और गर्म हो गया, जब कांग्रेस विधायक वीरेन्द्र जाती ने किसानों के मुद्दे को अनोखे अंदाज में उठाया। “नारी सम्मान–लोकतंत्र में अधिकार” विषय पर केंद्रित इस एक दिवसीय सत्र में जहां महिला आरक्षण बिल पर चर्चा हो रही थी, वहीं दूसरी ओर किसानों के बकाया भुगतान का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आ गया। झबरेड़ा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले विधायक वीरेन्द्र जाती गन्ने से भरी ट्रॉली लेकर विधानसभा परिसर पहुंच गए। उनका यह प्रतीकात्मक प्रदर्शन उत्तराखंड विधानसभा के बाहर चर्चा का केंद्र बन गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इकबालपुर चीनी मिल पर किसानों का लगभग ₹110 करोड़ का बकाया लंबे समय से अटका हुआ है, लेकिन सरकार इस गंभीर मुद्दे पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही। विधायक ने कहा कि गन्ना किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है, क्योंकि समय पर भुगतान नहीं मिलने से उन्हें रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में भी कठिनाई हो रही है। उन्होंने सरकार से तुरंत बकाया भुगतान कराने और किसानों को राहत देने की मांग की। इस घटनाक्रम के बाद सत्र के भीतर और बाहर राजनीतिक हलचल तेज हो गई। विपक्ष ने इसे किसानों की अनदेखी का उदाहरण बताते हुए सरकार को घेरा, जबकि सत्तापक्ष ने आश्वासन दिया कि किसानों के हितों की अनदेखी नहीं की जाएगी और जल्द समाधान निकाला जाएगा। विधानसभा के इस विशेष सत्र में जहां एक ओर महिला सशक्तिकरण पर चर्चा जारी रही, वहीं दूसरी ओर किसानों का मुद्दा भी केंद्र में आ गया, जिससे यह साफ हो गया कि राज्य की राजनीति में किसान और महिला—दोनों ही बड़े मुद्दे बने हुए हैं। Post Views: 4 Post navigation उत्तराखंड विधानसभा का विशेष सत्र आज, देहरादून में रूट डायवर्जन लागू; ट्रैफिक प्लान देखकर ही निकलें उत्तराखंड में कुदरत का कहर और राहत: भारी बारिश और ओलावृष्टि का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी