Spread the love देहरादून | उत्तराखंड | 10 फरवरी 2026 | दैनिक प्रभातवाणी उत्तराखंड सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का शुभारंभ किया है। इस योजना की शुरुआत 10 फरवरी को राजधानी देहरादून से की गई। सरकार का उद्देश्य समाज के उन वर्गों तक सहायता पहुँचाना है, जो लंबे समय से आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत निराश्रित, विधवाएँ, ट्रांसजेंडर तथा अन्य एकल महिलाएँ स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकेंगी। योजना में पात्र महिलाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता और सब्सिडी प्रदान की जाएगी, जिससे वे छोटे उद्योग, व्यवसाय या अन्य आय सृजन गतिविधियाँ शुरू कर सकें। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस योजना से महिलाओं को न केवल आर्थिक संबल मिलेगा, बल्कि समाज में उनका आत्मविश्वास और सम्मान भी बढ़ेगा। स्वरोजगार को बढ़ावा देकर राज्य सरकार महिलाओं को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ने का प्रयास कर रही है। योजना के तहत प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना आने वाले समय में हजारों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी। यह पहल राज्य में महिला सशक्तिकरण को मजबूती देने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। Post Views: 12 Post navigation उत्तराखंड में जनगणना 2026 की तैयारियाँ तेज, प्रशासन ने कसी कमर भीषण सड़क हादसा, खाई में गिरा वाहन; तीन महिलाओं की मौत, कई घायल
देहरादून | उत्तराखंड | 10 फरवरी 2026 | दैनिक प्रभातवाणी उत्तराखंड सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का शुभारंभ किया है। इस योजना की शुरुआत 10 फरवरी को राजधानी देहरादून से की गई। सरकार का उद्देश्य समाज के उन वर्गों तक सहायता पहुँचाना है, जो लंबे समय से आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत निराश्रित, विधवाएँ, ट्रांसजेंडर तथा अन्य एकल महिलाएँ स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकेंगी। योजना में पात्र महिलाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता और सब्सिडी प्रदान की जाएगी, जिससे वे छोटे उद्योग, व्यवसाय या अन्य आय सृजन गतिविधियाँ शुरू कर सकें। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस योजना से महिलाओं को न केवल आर्थिक संबल मिलेगा, बल्कि समाज में उनका आत्मविश्वास और सम्मान भी बढ़ेगा। स्वरोजगार को बढ़ावा देकर राज्य सरकार महिलाओं को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ने का प्रयास कर रही है। योजना के तहत प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना आने वाले समय में हजारों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी। यह पहल राज्य में महिला सशक्तिकरण को मजबूती देने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।