Spread the loveरुपया मजबूत बना हुआ: अमेरिका–चीन व्यापार वार्ता में प्रगति से विदेशी निवेशकों का भरोसा कायमनई दिल्ली, 30 जून —भारतीय रुपया इस सप्ताह भी मजबूती के रुख पर कायम रहा। बीते सप्ताह के दौरान रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1.3% मजबूत हुआ। यह मजबूती वैश्विक स्तर पर अमेरिका और चीन के बीच व्यापार वार्ता में आई सकारात्मक प्रगति और उधार बाजार में विदेशी निवेशकों की सतत भागीदारी के चलते देखने को मिली है।विदेशी निवेशक भारत के बॉन्ड बाजार में लगातार निवेश कर रहे हैं, जिससे विदेशी मुद्रा की आवक बनी हुई है और इससे रुपये को सहारा मिल रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए की गई सख्त मौद्रिक नीतियां भी रुपये की स्थिरता में योगदान दे रही हैं।विश्लेषकों का मानना है कि यदि अमेरिका-चीन के बीच व्यापारिक रिश्तों में सुधार की दिशा में और प्रगति होती है, तो वैश्विक जोखिम भावना में और सुधार होगा, जिससे उभरते बाजारों की मुद्राओं को लाभ मिल सकता है — विशेषकर भारतीय रुपये को।विदेशी निवेशकों की रुचि बनी हुईसरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले दो हफ्तों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने भारतीय ऋण बाजार में हजारों करोड़ रुपये का निवेश किया है। इससे बॉन्ड यील्ड पर दबाव बना है, लेकिन रुपये को बल मिला है।डॉलर सूचकांक में नरमी का असरइस बीच अमेरिकी डॉलर सूचकांक में आई हल्की गिरावट ने भी रुपये को राहत दी है। डॉलर में कमजोरी से विदेशी मुद्रा की तुलना में रुपया मजबूत बना हुआ है।आगे की संभावनामौद्रिक नीति की स्थिरता, वैश्विक बाजार की दिशा और कच्चे तेल की कीमतें रुपये के भाव को प्रभावित करती रहेंगी। फिलहाल स्थिति रुपये के पक्ष में दिख रही है, लेकिन विश्लेषकों ने वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाओं पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।रुपया पिछले सप्ताह 1.3% मजबूतअमेरिका-चीन व्यापार वार्ता में सुधारविदेशी निवेशकों का भरोसा कायमडॉलर सूचकांक में नरमीभारतीय बॉन्ड बाजार में मजबूत निवेश🖋 दैनिक प्रभातवाणी डेस्क Post Views: 81 Post navigationप्राग्नानंधा बने भारत के नए नंबर 1 शतरंज खिलाड़ी सोना मामूली चढ़ा: डॉलर में कमजोरी और वैश्विक तनाव में राहत से निवेशकों का रुझान स्थिर