Spread the loveकाशीपुर, 21 अगस्त 2025काशीपुर। उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले के काशीपुर में बुधवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। एक निजी विद्यालय में पढ़ने वाले 9वीं कक्षा के छात्र ने अपने शिक्षक पर गोली चला दी। बताया जा रहा है कि शिक्षक ने अनुशासनहीनता के चलते छात्र को थप्पड़ मारा था, जिसके बाद नाराज छात्र ने यह खतरनाक कदम उठा लिया। गोली लगने से शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।घटना का विवरणप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कक्षा में अनुशासन भंग करने पर शिक्षक ने छात्र को डांटा और थप्पड़ मारा। कुछ देर बाद छात्र कक्षा से बाहर गया और कथित तौर पर अपने घर से पिता का लाइसेंसी हथियार ले आया। उसने अचानक कक्षा में प्रवेश कर शिक्षक पर गोली चला दी। गोली लगते ही कक्षा में अफरा-तफरी मच गई और बच्चे चिल्लाने लगे।विद्यालय प्रशासन ने तुरंत घायल शिक्षक को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी हालत फिलहाल गंभीर लेकिन स्थिर बताई जा रही है।पुलिस जांचघटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी छात्र को हिरासत में ले लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि छात्र इतनी छोटी उम्र में हथियार तक कैसे पहुंचा।सीओ काशीपुर ने बताया,“यह बेहद गंभीर मामला है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि शिक्षक द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई से नाराज होकर छात्र ने गोली चलाई। हम छात्र और उसके परिवार से पूछताछ कर रहे हैं और लाइसेंसी हथियार की सुरक्षा में लापरवाही की भी जांच की जाएगी।”समाज और शिक्षा जगत में चिंताइस घटना ने पूरे काशीपुर ही नहीं बल्कि प्रदेश भर में शिक्षा जगत को हिलाकर रख दिया है। अभिभावक और शिक्षक संघों ने इसे बेहद खतरनाक संकेत बताया है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना बच्चों में बढ़ती आक्रामकता और पारिवारिक-सामाजिक दबाव का नतीजा हो सकती है।एक स्थानीय अभिभावक ने कहा,“हम अपने बच्चों को शिक्षा के लिए स्कूल भेजते हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं बेहद डरावनी हैं। बच्चों को गुस्से पर काबू करना और अनुशासन सिखाना अब परिवार और विद्यालय दोनों की बड़ी जिम्मेदारी बन गई है।”प्रशासन की अपीलजिलाधिकारी ने घटना पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि विद्यालयों को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी होगी। साथ ही उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की मानसिक स्थिति पर ध्यान दें और घर में हथियारों को बच्चों की पहुंच से दूर रखें।दैनिक प्रभातवाणीकाशीपुर की यह घटना सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी का संकेत है। यह साफ करता है कि शिक्षा प्रणाली और पारिवारिक वातावरण में बच्चों के मानसिक विकास और अनुशासन पर गंभीर ध्यान देने की आवश्यकता है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और शहर में इस घटना को लेकर चिंता और आक्रोश दोनों व्याप्त हैं। Post Views: 83 Post navigationउत्तराखंड विधानसभा में पारित हुआ अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक 2025 : शिक्षा व्यवस्था में नया अध्याय पहली बार विदेश गया गढ़वाली सेब: दुबई तक पहुँची उत्तराखंड की मिठास