Spread the loveदेहरादून, 28 जून:उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने तबादला प्रक्रिया में देरी पर राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है और स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी विभागों में स्थानांतरण प्रक्रिया 11 जुलाई 2025 तक हर हाल में पूरी की जाए।न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल और न्यायमूर्ति नरेश शर्मा की खंडपीठ ने सरकार से कहा है कि पहले चरण में 30 जून तक सभी रिक्त पदों और स्थानांतरण योग्य अधिकारियों की सूची तैयार की जाए। इसके बाद 7 जुलाई तक इच्छुक अधिकारियों से विकल्प आमंत्रित किए जाएं और अंततः 11 जुलाई तक अंतिम तबादला आदेश जारी कर दिए जाएं।मुख्य निर्देश:30 जून तक रिक्त पदों व योग्य अधिकारियों की सूची विभागों द्वारा प्रकाशित की जाए।7 जुलाई तक अधिकारियों से स्थानांतरण के लिए विकल्प (पसंदीदा स्थान) आमंत्रित किए जाएं।11 जुलाई तक अंतिम स्थानांतरण आदेश लागू कर दिए जाएं।हाईकोर्ट की टिप्पणी:अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि “तबादला नीति का पालन करना सरकार की जवाबदेही है, और इसमें अनावश्यक देरी नीतिगत पारदर्शिता पर प्रश्नचिन्ह लगाती है।” न्यायालय ने कहा कि यह प्रक्रिया हर वर्ष समयबद्ध और निष्पक्ष रूप से संपन्न होनी चाहिए।राज्य में लंबे समय से कई विभागों में तबादला प्रक्रिया रुकी हुई थी, जिससे अधिकारियों व कर्मचारियों में असंतोष का माहौल था। कई कर्मचारी वर्षों से दूरस्थ व असुविधाजनक क्षेत्रों में तैनात हैं, जबकि नीति के अनुसार स्थानांतरण किया जाना चाहिए था।राज्य सरकार ने कोर्ट को आश्वस्त किया है कि वह तय समय-सीमा के भीतर पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूर्ण करेगी। मुख्य सचिव स्तर पर निगरानी के लिए विशेष सेल भी गठित किया गया है। Post Views: 70 Post navigationउत्तराखंड में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, भूस्खलन और सड़क बंदी ने बढ़ाई प्रशासन की चिंता बड़कोट में बादल फटा, होटल निर्माण स्थल पर भीषण तबाही — 9 मजदूर लापता