देहरादून के बूथ‑लेवल अधिकारी को ऑनलाइन साइबर ठगी में धोखा देते अपराधी का प्रतीकात्मक दृश्य, अधिकारी परेशान होकर मोबाइल देख रहे हैं।देहरादून में एक बूथ‑लेवल अधिकारी को साइबर अपराधियों ने ₹1.5 लाख का चूना लगाया, पुलिस जांच जारी।
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देहरादून, 26 जनवरी 2026: राजधानी देहरादून में एक बूथ‑लेवल अधिकारी को साइबर अपराधियों ने लगभग ₹1.5 लाख से धोखा देकर ठगा दिया। घटना ने न केवल सरकारी अधिकारियों को सतर्क किया है, बल्कि साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन लेनदेन में सावधानी की आवश्यकता को भी उजागर किया है।

घटना के अनुसार, आरोपी ने अधिकारी को फोन और ऑनलाइन संदेश के माध्यम से संपर्क किया और उसे किसी आधिकारिक प्रक्रिया का हिस्सा होने का झांसा दिया। अधिकारी ने धोखे में आकर बैंक खाते और यूपीआई/ऑनलाइन ट्रांसफर के माध्यम से लगभग ₹1.5 लाख भेज दिए। जैसे ही पैसे ट्रांसफर हुए, आरोपी का संपर्क अचानक टूट गया।

घटना का पता चलते ही अधिकारी ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद साइबर क्राइम सेल और देहरादून पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने कहा कि आरोपी की पहचान और डिजिटल ट्रैकिंग के माध्यम से उसे जल्द पकड़ने की कार्रवाई जारी है।

साइबर क्राइम विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की धोखाधड़ी में अपराधी अक्सर फेक कॉल्स, व्हाट्सएप मैसेज या ईमेल के माध्यम से लोगों को भ्रमित करते हैं और बैंकिंग डिटेल्स लेने के बाद पैसे ट्रांसफर कर लेते हैं। उन्होंने जनता को चेतावनी दी है कि कभी भी अनजान कॉलर या संदेश के माध्यम से बैंक डिटेल साझा न करें और किसी भी ट्रांसफर से पहले दोबारा सत्यापन अवश्य करें।

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर सेल या स्थानीय थाने को दें। अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल लेनदेन में सुरक्षा बढ़ाने के लिए मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई एप्स के दो-स्तरीय सत्यापन का उपयोग आवश्यक है।

यह घटना सरकार और प्रशासन के लिए भी चेतावनी है कि साइबर सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना और अधिकारियों को प्रशिक्षित करना जरूरी है, ताकि सरकारी कर्मचारियों और आम जनता को इस प्रकार की ठगी से बचाया जा सके।

मामले की वर्तमान स्थिति: पुलिस जांच में अधिकारी द्वारा भेजे गए पैसों के ट्रैकिंग, आरोपी के डिजिटल निशानों की पहचान और बैंक के सहयोग से लेनदेन की पुष्टि की जा रही है। फिलहाल आरोपी पकड़ा नहीं गया है, लेकिन पुलिस का कहना है कि जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

इस घटना ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि ऑनलाइन लेनदेन में सतर्कता और साइबर सुरक्षा उपायों का पालन हर नागरिक और सरकारी कर्मचारी के लिए जरूरी है।