देहरादून के व्यस्त बाजार में युवती की नृशंस हत्या, पांच दिन में तीसरा जघन्य अपराध, कानून-व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
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दैनिक प्रभातवाणी | देहरादून | 2 फरवरी 2026

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून एक बार फिर खून से सनी है। सोमवार दोपहर नगर कोतवाली क्षेत्र के मच्छी बाजार इलाके में दिनदहाड़े एक 23 वर्षीय युवती की निर्मम हत्या ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। व्यस्त बाजार में खुलेआम की गई इस वारदात ने न केवल आम लोगों में दहशत फैलाई, बल्कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि बीते महज पांच दिनों के भीतर देहरादून जिले में यह तीसरी हत्या है, जिसमें एक महिला और दो युवतियां अपनी जान गंवा चुकी हैं।

घटना के समय बाजार में रोजमर्रा की चहल-पहल थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवती जैसे ही बाजार की एक गली में पहुंची, वहां पहले से मौजूद एक युवक ने उससे बातचीत के बहाने संपर्क साधा और अचानक धारदार हथियार से उस पर हमला कर दिया। हमला इतना क्रूर था कि युवती लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ी। आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही आरोपी मौके से भागने की कोशिश करने लगा, हालांकि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे कुछ ही समय में गिरफ्तार कर लिया।

सूचना मिलते ही नगर कोतवाली पुलिस, वरिष्ठ अधिकारी और फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची। घायल अवस्था में युवती को तत्काल दून अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे मच्छी बाजार और आसपास के क्षेत्रों में आक्रोश फैल गया। व्यापारियों ने विरोध स्वरूप दुकानें बंद कर दीं और लोगों ने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की।

पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान गुंजन के रूप में हुई है, जो पिछले कई वर्षों से दूल्हे के कपड़ों की एक दुकान में काम कर रही थी। आरोपी युवक आकाश कुमार, उम्र 27 वर्ष, देहरादून के ही खुड़बुड़ा क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी काफी समय से युवती का पीछा कर रहा था और दोनों के बीच पहले जान-पहचान भी रही है। बाद में युवती द्वारा संबंध समाप्त किए जाने के बाद आरोपी उसे लगातार परेशान कर रहा था।

मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि मृतका ने कुछ दिन पहले आरोपी की धमकियों को लेकर स्थानीय पुलिस चौकी में शिकायत भी दर्ज कराई थी। आरोप है कि शिकायत के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे आरोपी के हौसले और बढ़ गए। यदि समय रहते सख्त कदम उठाए जाते, तो संभवतः इस जघन्य अपराध को रोका जा सकता था। इस लापरवाही को लेकर अब पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।

देहरादून जिले में हाल के दिनों में अपराध की घटनाओं में जिस तरह की तेजी देखी जा रही है, उसने आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। 29 जनवरी को विकासनगर क्षेत्र में एक नाबालिग छात्रा की अत्यंत क्रूर हत्या हुई थी, जिसमें आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। इसके ठीक दो दिन बाद ऋषिकेश में घर में अकेली रह रही एक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। और अब राजधानी के हृदयस्थल में युवती की हत्या ने साफ कर दिया है कि अपराधियों के मन से कानून का भय लगातार कम होता जा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि राजधानी में पुलिस गश्त और निगरानी व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित रह गई है। बाजार, भीड़भाड़ वाले इलाके और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। महिलाएं और युवतियां खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। लोगों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि अपराधियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, साथ ही शिकायतों पर समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाएं।

फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है और दोषी को कानून के अनुसार सख्त सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। वहीं, इस हत्याकांड ने पूरे उत्तराखंड में महिलाओं की सुरक्षा, पुलिस की कार्यप्रणाली और बढ़ते अपराधों को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है।

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