सुप्रीम कोर्ट का उत्तराखंड हाईकोर्ट को निर्देश: हेलिपैड मामले की याचिका पर शीघ्र निर्णय

नई दिल्ली/नैनीताल।
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड में प्रस्तावित हेलिपैड से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले पर सुनवाई करते हुए उत्तराखंड हाईकोर्ट को निर्देश दिया है कि वह संबंधित याचिका पर शीघ्र निर्णय ले। शीर्ष अदालत ने कहा कि मामला भूमि अधिकार, स्थानीय प्रशासन और सार्वजनिक हित से जुड़ा है, इसलिए इसमें अनावश्यक देरी उचित नहीं होगी।
यह याचिका राज्य में यात्रा-समय (चारधाम एवं अन्य पर्वतीय यात्राओं) की तैयारियों के तहत बनाए जा रहे हेलिपैड से संबंधित है। याचिकाकर्ता पक्ष का कहना है कि हेलिपैड निर्माण में भूमि अधिग्रहण, स्थानीय निवासियों के अधिकार और प्रशासनिक प्रक्रिया के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। वहीं सरकार का पक्ष है कि यात्रियों की सुरक्षा, आपात सेवाओं और सुगम आवागमन के लिए यह परियोजना आवश्यक है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्देश में यह भी स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट मामले के सभी पहलुओं—कानूनी, प्रशासनिक और जनहित— को ध्यान में रखते हुए संतुलित फैसला करे। अदालत ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है जब राज्य में आगामी यात्रा-सीजन को लेकर तैयारियां तेज़ हो रही हैं और समयबद्ध निर्णय की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
अब इस मामले पर आगे की सुनवाई और अंतिम फैसला उत्तराखंड हाईकोर्ट द्वारा किया जाएगा, जिससे यह तय होगा कि हेलिपैड परियोजना किस शर्तों और कानूनी दायरे में आगे बढ़ेगी।