रुद्रपुर में सिडकुल कर्मचारी की पहली मंजिल से गिरने से मौत, आत्महत्या की आशंका
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देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक महिला नर्स ने आत्महत्या कर ली। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर हड़कंप मचा दिया है और कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में एक आईटीबीपी जवान पर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया गया है, जिसके चलते महिला ने यह कठोर कदम उठाया।

मिली जानकारी के अनुसार महिला का शव उसके घर में पंखे से लटका हुआ मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन इसके पीछे के कारणों को लेकर पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है।

मृतका के भाई ने पुलिस को दी गई तहरीर में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। बताया गया कि महिला पिछले चार वर्षों से देहरादून में रह रही थी और एक निजी अस्पताल में नर्स के रूप में कार्यरत थी। करीब 15 वर्ष पूर्व उसकी शादी हुई थी और उसके दो बच्चे हैं, जबकि उसका पति बाहर नौकरी करता है। महिला अपने बच्चों के साथ देहरादून में अकेली रहती थी।

परिजनों के अनुसार लगभग छह माह पहले महिला की मुलाकात राजबीर नामक व्यक्ति से हुई, जो भारत-तिब्बत सीमा पुलिस में तैनात बताया जा रहा है। आरोप है कि उक्त व्यक्ति महिला को अपने साथ ले जाना चाहता था, लेकिन महिला ने इसके लिए मना कर दिया। इसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर महिला को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया, जिससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगी थी।

परिजनों का कहना है कि इसी मानसिक दबाव और प्रताड़ना के चलते महिला ने आत्महत्या जैसा गंभीर कदम उठाया। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि महिलाओं की सुरक्षा और मानसिक उत्पीड़न जैसे मुद्दों पर समाज और कानून को और सख्त होने की जरूरत है।

मामले में थाना बसंत विहार प्रभारी अशोक राठौड़ ने बताया कि मृतका के भाई की तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार महिला ने 18 मार्च को आत्महत्या की थी और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस घटना ने समाज में मानसिक उत्पीड़न और व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।