Spread the love देहरादून , 29 मार्च 2026: देहरादून के रायपुर थाना में पीआरडी जवान की मौत के मामले ने रविवार को नया मोड़ ले लिया जब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सब इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया। इस घटना के बाद पुलिस विभाग में हलचल तेज हो गई है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग लगातार बढ़ती जा रही है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, रायपुर थाना में पीआरडी जवान सुनील रतूड़ी की मौत के मामले में एसएसपी कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि ड्यूटी के दौरान पद की गरिमा के अनुरूप व्यवहार न करने के आरोप में उप निरीक्षक कृष्ण कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई कानून व्यवस्था और प्रशासनिक जिम्मेदारी को देखते हुए की गई है।इससे पहले भी मामले की गंभीरता को देखते हुए रायपुर थाना प्रभारी समेत तीन अन्य पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन अटैच किया जा चुका है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने तक संबंधित पुलिसकर्मियों को सक्रिय ड्यूटी से हटाकर जांच प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाया जा रहा है।घटना 28 मार्च की बताई जा रही है, जब पुलिस को आपातकालीन नंबर 112 के माध्यम से सूचना मिली कि एक व्यक्ति पेट्रोल पंप पर पैसे देने से मना कर रहा है और खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए हंगामा कर रहा है। सूचना मिलने पर रायपुर पुलिस मौके पर पहुंची और संबंधित व्यक्ति को हिरासत में लेकर थाने ले आई।पुलिस के अनुसार हिरासत के दौरान व्यक्ति ने कथित रूप से लॉकअप में कंबल का इस्तेमाल कर फांसी लगा ली। बाद में जब पुलिसकर्मियों ने उसे बेसुध अवस्था में देखा तो तत्काल उसे देहरादून स्थित कोरोनेशन अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।हालांकि मृतक के परिजनों ने पुलिस के दावों पर सवाल उठाते हुए इसे हिरासत में हुई मौत बताया है। परिजनों का आरोप है कि सुनील रतूड़ी की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है और उस समय थाने में मौजूद सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने मामले में शामिल पुलिसकर्मियों के नाम सार्वजनिक करने और स्वतंत्र जांच की मांग भी की है।मामले के बढ़ते दबाव को देखते हुए एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं और कहा है कि यदि जांच में किसी की लापरवाही या दोष सामने आता है तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है। पुलिस हिरासत में मौत का मामला होने के कारण प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है और पूरे मामले पर वरिष्ठ अधिकारियों की नजर बनी हुई है।फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट होने की संभावना है।देहरादून में पुलिस हिरासत में हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि मामले में पारदर्शिता बनाए रखते हुए जांच जल्द पूरी की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। Post Views: 2 Post navigationदेहरादून: नाबालिग से दुष्कर्म की कोशिश में आरोपी शोएब फरार