Spread the love उत्तराखंड में आस्था और श्रद्धा का सबसे बड़ा पर्व मानी जाने वाली चारधाम यात्रा 2026 अब पूरी तरह रफ्तार पकड़ चुकी है। यात्रा शुरू होते ही देश-विदेश से श्रद्धालुओं का सैलाब पहाड़ों की ओर उमड़ पड़ा है। हालात ऐसे हैं कि चारों धामों में हर दिन हजारों की संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। अब तक कुल श्रद्धालुओं का आंकड़ा 2 लाख 97 हजार के पार पहुंच चुका है, जो यात्रा के शुरुआती दिनों में ही भारी उत्साह को दर्शाता है। यात्रा की शुरुआत अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर हुई थी, जब यमुनोत्री धाम और गंगोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए थे। इसके बाद से ही दोनों धामों में लगातार श्रद्धालुओं की भीड़ बनी हुई है। 26 अप्रैल को यमुनोत्री धाम में 6,129 श्रद्धालुओं ने मां यमुना के दर्शन किए, जिससे अब तक कुल संख्या 44,024 पहुंच गई है। वहीं गंगोत्री धाम में इसी दिन 6,857 श्रद्धालुओं ने मां गंगा के दर पर हाजिरी लगाई और कुल संख्या 44,364 तक पहुंच गई है। इस तरह दोनों धामों में मिलाकर 88,388 श्रद्धालु अब तक दर्शन कर चुके हैं। वहीं केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की सबसे अधिक भीड़ देखने को मिल रही है। 22 अप्रैल को कपाट खुलने के बाद से यहां भक्तों का तांता लगा हुआ है। 26 अप्रैल को अकेले 32,131 श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचे। अब तक कुल 1,56,913 श्रद्धालु केदारनाथ धाम में माथा टेक चुके हैं। कठिन यात्रा मार्ग और ऊंचाई के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं देखी जा रही है। इसी क्रम में बदरीनाथ धाम में भी भक्तों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। 23 अप्रैल को कपाट खुलने के बाद से यहां भी भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। 26 अप्रैल को 14,341 श्रद्धालुओं ने बदरी विशाल के दर्शन किए। अब तक कुल 52,225 श्रद्धालु बदरीनाथ धाम में दर्शन कर चुके हैं। चारों धामों के आंकड़ों को मिलाकर देखा जाए तो अब तक कुल 2,97,526 श्रद्धालु उत्तराखंड की इस पवित्र यात्रा में शामिल होकर दर्शन कर चुके हैं। प्रशासन और मंदिर समितियां श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए व्यवस्थाओं को लगातार मजबूत कर रही हैं। सुरक्षा, स्वास्थ्य, ट्रैफिक और आवास की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि यात्रियों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और तेजी से बढ़ सकती है, खासकर मई और जून के महीने में यात्रा अपने चरम पर पहुंचती है। ऐसे में प्रशासन के सामने व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी। फिलहाल चारधाम यात्रा 2026 आस्था, उत्साह और भक्ति के रंग में रंगी हुई नजर आ रही है, जहां हर श्रद्धालु कठिन रास्तों को पार कर भगवान के दर्शन के लिए आगे बढ़ रहा है। Post Views: 5 Post navigation देहरादून में भीषण गर्मी का कहर, स्कूल बंद; ट्रैफिक राहत के लिए बायपास प्रोजेक्ट में तेजी धामी सरकार का बड़ा कदम, 28 अप्रैल को उत्तराखंड विधानसभा का विशेष सत्र, महिला आरक्षण मुद्दे पर गरमाएगी सियासत