Spread the love https://dainikprbhatvani.com/wp-content/uploads/2026/04/AQPRGG8xUcsgDF7_c40VskdWfSKNTiGJ_scTb1htPp_jmuojMBILBfjuz-N2oOEVPigmGvZOKQKI1uHd7c8mu4MgpVidvqsoA6ZCuHjfTcvqEw.mp4 उत्तराखंड के दुर्गम और बर्फीले क्षेत्र माणा से एक ऐसी मानवीय कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। करीब पांच साल पहले लापता हुआ राजस्थान का युवक शंकर, जिसे उसके परिजनों ने मृत मान लिया था, अब जीवित अवस्था में मिल गया है। इस चमत्कार के पीछे उत्तराखंड पुलिस के जवानों की संवेदनशीलता और निस्वार्थ सेवा भावना सबसे बड़ी वजह बनी। जानकारी के अनुसार, माणा क्षेत्र की बर्फीली वादियों में भटकते हुए शंकर को पुलिस ने रेस्क्यू किया। उसकी हालत बेहद खराब थी। ऐसे में पुलिस के जवानों ने केवल उसे बचाया ही नहीं, बल्कि एक परिवार की तरह उसकी देखभाल भी की। जवानों ने अपने हाथों से उसे नहलाया, उसके बाल काटे, साफ-सफाई करवाई और नए कपड़े पहनाए। इसके बाद उसका मेडिकल परीक्षण भी कराया गया, जिससे उसकी सेहत को स्थिर किया जा सके। सबसे चुनौतीपूर्ण कार्य था उसके परिवार को तलाशना। पुलिस ने कड़ी मेहनत और लगातार प्रयासों के बाद राजस्थान के नाथद्वारा में उसके परिजनों का पता लगाया। जैसे ही यह सूचना परिवार तक पहुंची, वे तुरंत उत्तराखंड के बदरीनाथ के लिए रवाना हो गए। जब माता-पिता ने अपने बेटे को पांच साल बाद जीवित देखा, तो उनकी आंखों से खुशी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। यह पल वहां मौजूद हर व्यक्ति के लिए बेहद भावुक कर देने वाला था। परिवार की आर्थिक स्थिति भी इस दौरान आड़े आई। बदरीनाथ तक पहुंचने के बाद उनके पास वापसी के लिए पैसे नहीं बचे थे। ऐसे में एक बार फिर पुलिस के जवान आगे आए और आपसी सहयोग से उनके घर लौटने की पूरी व्यवस्था की। इस मानवीय पहल ने पुलिस के प्रति लोगों के विश्वास को और मजबूत किया। शंकर के पिता ने भावुक होकर कहा कि यदि उनका बेटा पूरी तरह स्वस्थ हो गया, तो वे दोबारा उत्तराखंड आकर उन जवानों से मिलेंगे, जिन्होंने उनके परिवार को फिर से जोड़ दिया। उत्तराखंड पुलिस ने भी शंकर के उज्ज्वल और स्वस्थ भविष्य की कामना की है। यह घटना केवल एक रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं, बल्कि इंसानियत की मिसाल है, जहां पुलिस ने अपने कर्तव्य से बढ़कर मानवता को प्राथमिकता दी। उत्तराखंड पुलिस के जवानों का यह निस्वार्थ सेवाभाव समाज के लिए प्रेरणा है और उनके इस कार्य को बार-बार नमन करने का मन करता है। Post Views: 15 Post navigation लक्सर की फैक्ट्री में हड़कंप: दूषित पानी पीने से 250 से अधिक कर्मचारी बीमार, कई अस्पताल में भर्ती धामी कैबिनेट के 18 बड़े फैसले: परिवहन से लेकर मदरसा सुधार और कुंभ 2027 तक, उत्तराखंड के भविष्य की नई दिशा तय