Spread the love कोटद्वार क्षेत्र में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां फर्जी टोल-फ्री नंबर और कस्टमर केयर बनकर एक व्यक्ति से 1 लाख रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी कर ली गई। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पौड़ी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना की शुरुआत तब हुई जब वादी लक्ष्मण सिंह, निवासी कोटद्वार ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार उन्होंने इंटरनेट पर पोस्ट ऑफिस का टोल-फ्री नंबर सर्च किया था। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने स्वयं को कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताकर उनसे संपर्क किया और विश्वास में लेकर यूपीआई के माध्यम से करीब 1 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली। शिकायत मिलने पर कोतवाली कोटद्वार में मु0अ0सं0-50/2026, धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी निरीक्षक प्रदीप नेगी के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और सर्विलांस की मदद से आरोपी की पहचान की। जांच में सामने आया कि इस साइबर ठगी में झारखंड के जामताड़ा निवासी सिराज अंसारी की संलिप्तता है। यह भी पता चला कि आरोपी पहले से ही एक अन्य साइबर ठगी मामले में मंडल कारा, जामताड़ा में बंद था। पुलिस ने बी-वारंट के माध्यम से आरोपी को अभिरक्षा में लिया और आगे की कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे जिला कारागार पौड़ी भेज दिया गया है। इस पूरे मामले में Uttarakhand Police ने एक बार फिर साइबर अपराध के खिलाफ अपनी सख्त कार्रवाई का संदेश दिया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या गूगल सर्च पर मिले नंबरों पर भरोसा न करें, खासकर बैंक या सरकारी सेवाओं के कस्टमर केयर के नाम पर आने वाली कॉल से सतर्क रहें। अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठग लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं, ऐसे में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। Post Views: 5 Post navigation हरिद्वार में किशोरी से दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला, फरार दो आरोपी गिरफ्तार, पहले एक भेजा जा चुका जेल चारधाम यात्रा के बीच श्रीनगर में सख्ती: सार्वजनिक स्थल पर हुड़दंग करने वाले 03 व्यक्तियों पर पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई