Spread the loveदेहरादून, 13 जून 2026 (दैनिक प्रभातवाणी)। भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) देहरादून के ऐतिहासिक चैटवुड ड्रिल स्क्वायर पर शनिवार को आयोजित स्प्रिंग टर्म-2026 की पासिंग आउट परेड देश के सैन्य इतिहास के लिए एक गौरवपूर्ण और यादगार क्षण बन गई। राष्ट्रपति एवं भारतीय सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर Droupadi Murmu की गरिमामयी उपस्थिति में कुल 515 कैडेट भारतीय सेना के अधिकारी बनकर राष्ट्र सेवा के लिए तैयार हुए। परेड का सबसे बड़ा आकर्षण आईएमए के 94 वर्षों के इतिहास में पहली बार 9 महिला सैन्य कैडेटों का नियमित बैच के साथ पास आउट होकर सेना में कमीशंड अधिकारी बनना रहा। इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने न केवल भारतीय सेना बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया। सुबह से ही आईएमए परिसर देशभक्ति और उत्साह के माहौल से सराबोर दिखाई दिया। अनुशासन, साहस और समर्पण का प्रतीक बने कैडेटों ने शानदार मार्च पास्ट कर राष्ट्रपति को सलामी दी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने परेड का निरीक्षण करते हुए कैडेटों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की और कहा कि भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी देश के “महिला नेतृत्व वाले विकास” की सशक्त तस्वीर प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि आज की महिला अधिकारी हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं और सेना में उनका प्रवेश नए भारत की बदलती सोच का प्रतीक है। इस बार के पासिंग आउट बैच में 158वें रेगुलर कोर्स और 141वें टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स के कुल 515 कैडेट शामिल रहे। इनमें 481 भारतीय कैडेटों के अलावा 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट भी शामिल थे। प्रशिक्षण के कठिन दौर को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद इन सभी युवा अधिकारियों ने ‘अंतिम पग’ पार कर भारतीय सेना में अपना स्थान सुनिश्चित किया। यह वह भावुक क्षण था जब वर्षों की मेहनत, अनुशासन और संघर्ष सफलता में बदल गया। समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेटों को विशेष सम्मान भी प्रदान किए गए। ऑफिसर कैडेट विशाल कुमार ने समग्र उत्कृष्टता का प्रदर्शन करते हुए प्रतिष्ठित ‘स्वॉर्ड ऑफ ऑनर’ और मेरिट में प्रथम स्थान प्राप्त कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। प्रिंस राज ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर सिल्वर मेडल हासिल किया, जबकि तेजस भट्ट को तृतीय स्थान के लिए ब्रॉन्ज मेडल प्रदान किया गया। इन पुरस्कारों को सैन्य प्रशिक्षण की दुनिया में सर्वोच्च उपलब्धियों में गिना जाता है। राष्ट्रपति के उत्तराखंड आगमन पर राज्यपाल Gurmit Singh और मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने उनका स्वागत किया। परेड समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित सेना के वरिष्ठ अधिकारी, पूर्व सैन्य अधिकारी, कैडेटों के अभिभावक और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। परेड के दौरान उपस्थित लोगों ने नए अधिकारियों के उत्साह, आत्मविश्वास और अनुशासन को देखकर उनका उत्साहवर्धन किया। आईएमए देहरादून को भारतीय सेना के उत्कृष्ट अधिकारियों की नर्सरी माना जाता है। देश के अनेक वीर सैनिक और सैन्य नेतृत्व यहीं से प्रशिक्षण प्राप्त कर निकले हैं। इस बार महिला कैडेटों के नियमित बैच के रूप में पास आउट होने से अकादमी के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारतीय सेना में लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण को और मजबूती देगा। परेड के समापन पर जब नव नियुक्त अधिकारियों ने चैटवुड ड्रिल स्क्वायर पर ‘अंतिम पग’ पार किया तो पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। परिवारजनों की आंखों में गर्व और भावुकता साफ दिखाई दे रही थी। राष्ट्र सेवा की शपथ लेकर ये युवा अधिकारी अब भारतीय सेना की विभिन्न इकाइयों में अपनी जिम्मेदारियां संभालेंगे और देश की सुरक्षा के लिए समर्पित रहेंगे। यह दिन भारतीय सैन्य इतिहास में एक ऐसे अवसर के रूप में याद किया जाएगा, जब परंपरा और परिवर्तन ने एक साथ कदम मिलाकर भविष्य की नई दिशा तय की। Post Views: 2 Post navigation डोईवाला में दर्दनाक हादसा: बिजली करंट की चपेट में आने से 38 वर्षीय काबुल सिंह की मौत उत्तराखंड OPS आंदोलन: चितई गोल्ज्यू मंदिर में पेंशन न्याय यात्रा