Spread the loveदेहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित ऑडियो-वीडियो विवाद के मामले में भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर को देहरादून पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद स्थानीय न्यायालय ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजते हुए सुद्धोवाला जिला जेल भेजने के आदेश दिए हैं। साथ ही अदालत ने उनकी जमानत याचिका पर तत्काल राहत देने से भी इनकार कर दिया। यह मामला पिछले कुछ समय से प्रदेश की राजनीति और सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ था। पुलिस के अनुसार मामले की जांच के दौरान एक कथित ऑडियो और वीडियो क्लिप सामने आई थी, जिसे लेकर विभिन्न पक्षों के बीच विवाद उत्पन्न हुआ। आरोप है कि इस सामग्री के माध्यम से कुछ राजनीतिक नेताओं की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। प्रकरण की शुरुआत उस समय हुई जब भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत में कहा गया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित ऑडियो-वीडियो क्लिप में उन्हें अंकिता भंडारी मामले से जुड़े कथित “वीआईपी” के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची। शिकायत के आधार पर देहरादून के डालनवाला थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, तकनीकी रिपोर्टों और गवाहों के बयानों का अध्ययन किया। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(6) के तहत जबरन वसूली से संबंधित आरोप भी जोड़े गए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप की गई है। मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने सुरेश राठौर के खिलाफ दर्ज चार प्राथमिकी में से दो को निरस्त कर दिया। हालांकि अदालत ने डालनवाला और नेहरू कॉलोनी थानों में दर्ज दो अन्य मामलों में पुलिस जांच जारी रखने की अनुमति प्रदान की। इसी के बाद पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए पूर्व विधायक को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी से पहले सुरेश राठौर ने मीडिया से बातचीत में अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह खारिज किया था। उन्होंने कहा था कि उन्होंने किसी भी प्रकार की ऑडियो या वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर जारी नहीं की है और न ही किसी नेता के खिलाफ कोई आपत्तिजनक टिप्पणी की है। उन्होंने पूरे प्रकरण को राजनीतिक साजिश बताते हुए दावा किया था कि उनके सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक करियर को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से उन्हें इस मामले में फंसाया जा रहा है। दूसरी ओर, जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष अदालत में प्रस्तुत किए जाने वाले साक्ष्यों एवं न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेंगे। अंकिता भंडारी हत्याकांड पहले से ही उत्तराखंड के सबसे चर्चित मामलों में शामिल रहा है। ऐसे में इस मामले से जुड़े किसी भी नए घटनाक्रम पर प्रदेश भर की निगाहें बनी हुई हैं। सुरेश राठौर की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं और आने वाले दिनों में इस मामले की सुनवाई तथा जांच की दिशा पर विशेष ध्यान रहेगा। फिलहाल अदालत द्वारा 14 दिन की न्यायिक हिरासत के आदेश के बाद पूर्व विधायक को सुद्धोवाला जिला जेल भेज दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई और जांच से जुड़े नए तथ्यों का इंतजार किया जा रहा है। Post Views: 2 Post navigation बैरागीवाला हत्याकांड: मुख्य चार आरोपी गिरफ्तार, गांव में भारी पुलिस बल तैनात 10 घंटे में हत्या का खुलासा: छोटे भाई ने बड़े भाई की गोली मारकर की हत्या, पुलिस को गुमराह करने के लिए रची साजिश