Spread the loveदेहरादून, 16 जून। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने उत्तराखंड के लिए 20 जून तक येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में तापमान में क्रमिक वृद्धि होने की संभावना है, जबकि पर्वतीय जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग ने लोगों, पर्यटकों और चारधाम यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। हाल के दिनों में हुई वर्षा के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली थी, लेकिन अब मौसम साफ रहने के कारण देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश और अन्य मैदानी क्षेत्रों में तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। इसके चलते उमस और गर्मी का असर बढ़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ हिस्सों में दोपहर और शाम के समय बादल विकसित होने के साथ गरज-चमक, तेज हवाएं और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कई स्थानों पर बिजली चमकने की भी संभावना है, जिसके मद्देनजर येलो अलर्ट जारी किया गया है। चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मौसम की ताजा जानकारी प्राप्त करने के बाद ही यात्रा आगे बढ़ाने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने कहा है कि पर्वतीय मार्गों पर मौसम अचानक बदल सकता है, इसलिए यात्रा के दौरान सावधानी बरतना आवश्यक है। यात्रियों को रेनकोट, गर्म कपड़े और आवश्यक दवाइयां साथ रखने की सलाह भी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि गरज-चमक या बिजली कड़कने के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों के नीचे और अस्थायी ढांचों के आसपास खड़े होने से बचें। तेज हवाओं और बिजली गिरने की स्थिति में सुरक्षित एवं पक्के भवनों में शरण लें। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को भी मौसम की गतिविधियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल प्रदेश में व्यापक और लगातार भारी वर्षा की संभावना नहीं है, लेकिन स्थानीय स्तर पर मौसम में तेजी से बदलाव हो सकता है। ऐसे में मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करना आवश्यक होगा। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और समय-समय पर अपडेट जारी कर रहा है। Post Views: 2 Post navigation चलती कार में लगी आग, समय रहते बाहर निकले 6 यात्री, बड़ा हादसा टला उत्तराखंड में फैमिली ट्रैकिंग को मिलेगा बढ़ावा, बच्चों से बुजुर्गों तक सभी के लिए विकसित होंगे सुरक्षित ट्रेक