Spread the loveकाशीपुर/ऊधमसिंह नगर। उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले में फर्जी शस्त्र लाइसेंस के जरिए अवैध हथियार खरीदने वाले एक बड़े नेटवर्क का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। काशीपुर क्षेत्र में चल रहे इस फर्जीवाड़े के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) टीम ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पिस्टल, रायफल, कारतूस, फर्जी शस्त्र लाइसेंस और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हो सकता है और जांच में कई अहम खुलासे होने की संभावना है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय गणपति के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एसओजी और पुलिस की संयुक्त टीम ने अजय सिंह निवासी ग्राम छिनकी, किच्छा और अनूप सिंह निवासी कुंडा को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान सामने आया कि दोनों आरोपियों ने खुद को पंजाब का निवासी दिखाकर वहां के तरनतारन जिले से कथित तौर पर फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाए थे। इन्हीं लाइसेंसों के आधार पर उन्होंने अवैध हथियार खरीदे और उनका उपयोग कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो पिस्टल (.32 बोर), दो रायफल (.315 बोर), 16 जिंदा कारतूस, कई फर्जी शस्त्र लाइसेंस और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर फोरेंसिक और तकनीकी जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन हथियारों का उपयोग किन गतिविधियों में किया जा रहा था और इनके पीछे कोई बड़ा आपराधिक गिरोह तो नहीं है। एसओजी प्रभारी सुनील सुतेड़ी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में इस नेटवर्क से जुड़े 10 से 12 अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस उनकी भूमिका की जांच कर रही है और यदि पर्याप्त साक्ष्य मिले तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस के जरिए हथियार खरीदने का यह मामला राज्य की सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर है। गौरतलब है कि इससे पहले कुंडा क्षेत्र में चार शस्त्र लाइसेंस जांच के दौरान फर्जी पाए गए थे। इस मामले में अजय सिंह, अनूप सिंह, जगदेव सिंह और जगदीप सिंह के खिलाफ कुंडा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार आरोपी अजय सिंह के खिलाफ कुंडा थाने में पहले से तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिससे उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि भी सामने आई है। एसएसपी अजय गणपति ने कहा कि जिले में अवैध हथियारों, फर्जी दस्तावेजों और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को फर्जी लाइसेंस के जरिए हथियार रखने या सुरक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। Post Views: 2 Post navigation देहरादून टोल प्लाजा पर टोलकर्मी पर जानलेवा हमला, सिर फटा; हिमाचल नंबर कार सवार युवकों की तलाश में पुलिस जुटी, वीडियो वायरल से मचा हड़कंप श्रीनगर की 16 दिन से लापता किशोरी का शव बयासी में मिला, परिजनों ने की पहचान; कई पहलुओं पर जांच शुरू