Spread the loveनई दिल्ली । दैनिक प्रभातवाणी । देश की महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में शामिल दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पहली ही मानसूनी बारिश में सवालों के घेरे में आ गया है। उत्तर प्रदेश के शामली जिले के पास एक्सप्रेसवे के एक हिस्से पर बड़े-बड़े गड्ढे और सड़क धंसने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद एक्सप्रेसवे के निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। वायरल वीडियो में सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करते हुए देखा गया। वीडियो बनाने वाले एक चालक ने दावा किया कि उसके सामने कई वाहन अचानक असंतुलित हो गए और दो कारों के अलॉय व्हील पूरी तरह मुड़ गए। सड़क की खराब स्थिति के कारण कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित भी रहा और लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। मामले के तूल पकड़ने के बाद नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने तत्काल संज्ञान लिया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और आपातकालीन मरम्मत कार्य शुरू कराया। कुछ घंटों के भीतर गड्ढों को भरकर सड़क की मरम्मत कर दी गई और यातायात को सामान्य रूप से संचालित करने का दावा किया गया। सड़क परिवहन मंत्रालय ने मामले को गंभीर मानते हुए जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। विभागीय कार्रवाई के तहत अथॉरिटी इंजीनियर के टीम लीडर और निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार के प्रोजेक्ट मैनेजर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही संबंधित प्रोजेक्ट डायरेक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और उनसे निर्माण गुणवत्ता तथा निगरानी में हुई कथित लापरवाही पर जवाब मांगा गया है। NHAI की ओर से दी गई प्रारंभिक सफाई में कहा गया है कि भारी बारिश के बाद उस हिस्से में जलजमाव हो गया था। स्थानीय विवाद के कारण स्थायी जल निकासी प्रणाली पूरी तरह चालू नहीं हो सकी थी, जिसके चलते पानी जमा होने से सड़क का हिस्सा प्रभावित हुआ। अथॉरिटी ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अस्थायी ड्रेनेज व्यवस्था तैयार की गई है और भविष्य में स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। करीब ₹12,000 करोड़ की लागत से निर्मित 6-लेन दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन इसी वर्ष 14 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय को काफी कम करने वाली एक महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। ऐसे में उद्घाटन के महज कुछ महीनों के भीतर सड़क के एक हिस्से के धंसने की घटना ने परियोजना की गुणवत्ता और निर्माण मानकों को लेकर बहस छेड़ दी है। घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार, निर्माण गुणवत्ता में लापरवाही और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के आरोप लगाए हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि जिस एक्सप्रेसवे को देश की आधुनिक बुनियादी ढांचा परियोजना के रूप में प्रस्तुत किया गया था, वह पहली ही तेज बारिश में क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं। हालांकि, NHAI का कहना है कि प्रभावित हिस्से की तत्काल मरम्मत कर दी गई है और फिलहाल एक्सप्रेसवे पर यातायात पूरी तरह सुरक्षित एवं सुचारू रूप से संचालित हो रहा है। प्रशासन ने वाहन चालकों से निर्धारित गति सीमा का पालन करने और बारिश के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में सड़क धंसने की वास्तविक वजह क्या सामने आती है और निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही किस प्रकार तय की जाती है। Post Views: 2 Post navigation बद्रीनाथ हाईवे पर बारिश का कहर: सिरोबगड़ और पिपलकोटी में भूस्खलन से मार्ग बंद, हरिद्वार में उफान पर गंगा नन्दानगर-नन्दप्रयाग मोटर मार्ग पर बने स्कैबर की हालत खराब, सड़क पर बने गड्ढों से हादसे का खतरा; स्थानीय लोगों ने उठाए गुणवत्ता पर सवाल