Spread the loveदेहरादून/चमोली। दैनिक प्रभातवाणी । बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के निलंबित वैयक्तिक सहायक (पीए) प्रमोद नौटियाल को चमोली पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने गिरफ्तार कर लिया है। रविवार देर रात उन्हें देहरादून के नेहरू कॉलोनी स्थित उनके आवास से हिरासत में लेने के बाद पूछताछ की गई और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर औपचारिक गिरफ्तारी की गई। शासन के निर्देश पर गठित हुई थी एसआईटी भगवान बदरीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई थाली भेंट की नकदी एवं अन्य मूल्यवान सामग्री में कथित वित्तीय अनियमितता की शिकायत सामने आने के बाद शासन ने मामले को गंभीरता से लिया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक चमोली के निर्देशन में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया, जिसने पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू की। विभागीय जांच के बाद दर्ज हुआ मुकदमा पुलिस के अनुसार, 8 जुलाई 2026 को बीकेटीसी के प्रभारी मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान की शिकायत पर कोतवाली बदरीनाथ में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 306 एवं 316(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। शिकायत में कहा गया कि 2 जुलाई को थाली भेंट की गिनती के दौरान अनियमितता की सूचना मिलने पर विभागीय जांच कराई गई। प्रारंभिक जांच में प्रमोद नौटियाल पर चढ़ावे की नकदी और अन्य भेंट सामग्री को कथित रूप से निजी लाभ के लिए अलग करने के आरोप सामने आए। CCTV फुटेज बना अहम साक्ष्य एसआईटी जांच में सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य सीसीटीवी फुटेज को माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार, फुटेज के विश्लेषण में प्रमोद नौटियाल कई बार गणना कक्ष से कथित रूप से नकदी और अन्य भेंट सामग्री अपने मोबाइल फोन के नीचे छिपाकर तथा जेब में रखकर बाहर ले जाते हुए दिखाई दिए। जांच एजेंसियों का दावा है कि फुटेज में उन्हें कई अवसरों पर: ₹500 के नोट, सोने और चांदी के सिक्कों के पैकेट, शालिग्राम शिला, तथा केसर के पैकेट अपने कब्जे में लेते हुए देखा गया है। इन आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी। पहले हिरासत, फिर गिरफ्तारी रविवार रात सादे कपड़ों में पहुंचे पुलिसकर्मी प्रमोद नौटियाल को उनके देहरादून स्थित आवास से अपने साथ ले गए थे। प्रारंभिक स्तर पर स्थानीय पुलिस को पूरी जानकारी नहीं होने के कारण परिजनों ने अपहरण की आशंका जताते हुए शिकायत भी दर्ज कराई थी। बाद में स्पष्ट हुआ कि उन्हें चमोली पुलिस की एसआईटी पूछताछ के लिए लेकर गई थी। पूछताछ और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। चार अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ एसआईटी केवल एक व्यक्ति तक जांच सीमित नहीं रख रही है। जांच टीम मंदिर समिति के चार अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है। इनमें सीसीटीवी निगरानी से जुड़े कर्मचारी, एक अधिकारी, सहायक लेखाकार तथा चढ़ावे की गिनती और अभिलेखों से जुड़े अन्य कार्मिक शामिल बताए जा रहे हैं। जांच टीम यह भी पता लगा रही है कि यदि कोई अनियमितता हुई तो उसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। 32 दिन की CCTV रिकॉर्डिंग गायब मामले का एक और महत्वपूर्ण पहलू सीसीटीवी रिकॉर्डिंग का है। सामान्यतः लगभग 45 दिन की रिकॉर्डिंग उपलब्ध रहनी चाहिए, लेकिन जांच के दौरान केवल 15 दिन का फुटेज मिला। करीब 32 दिन की रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं होने को लेकर भी एसआईटी अलग से जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि रिकॉर्डिंग तकनीकी कारणों से नष्ट हुई या उसे जानबूझकर हटाया गया। न्यायालय में किया जाएगा पेश पुलिस मुख्यालय के अनुसार गिरफ्तार आरोपी प्रमोद नौटियाल को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। वहीं एसआईटी गवाहों के बयान, सीसीटीवी फुटेज, वित्तीय अभिलेखों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। यदि जांच में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता के प्रमाण मिलते हैं तो आगे और गिरफ्तारियां या अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। नोट: प्रमोद नौटियाल पर लगाए गए आरोप वर्तमान में पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं। अंतिम रूप से दोषी या निर्दोष होने का निर्णय न्यायालय द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा। Post Views: 2 Post navigation नैनीताल में व्यापारी नेता गिरफ्तार: नाबालिग के आरोपों पर POCSO केस, हिरासत के दौरान फिनाइल पीने से अस्पताल में भर्ती