Spread the loveदेहरादून, दैनिक प्रभातवाणी। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखंड में चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान के प्रथम चरण के पूरा होने के बाद मंगलवार को राज्य की ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई। इस सूची में प्रदेश के 71,33,785 मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं। निर्वाचन विभाग ने मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर सत्यापन अभियान चलाया था, जिसके बाद यह प्रारंभिक सूची जारी की गई है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के रिकॉर्ड का सत्यापन किया गया। इस प्रक्रिया में करीब 19 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में विभिन्न प्रकार की विसंगतियां सामने आई हैं। इनमें नाम, पता, आयु, फोटो, पहचान संबंधी जानकारी तथा अन्य विवरणों में त्रुटियां शामिल हैं। ऐसे मामलों में संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा, ताकि रिकॉर्ड का सही तरीके से संशोधन किया जा सके। उन्होंने बताया कि पुनरीक्षण अभियान के दौरान ऐसे मतदाताओं के नाम भी सूची से हटाए गए हैं जो निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पात्र नहीं पाए गए या जिनके संबंध में आवश्यक प्रपत्र उपलब्ध नहीं कराए गए। निर्वाचन आयोग का उद्देश्य केवल पात्र और वास्तविक मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करना है, जिससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनी रहे। मतदान केंद्रों की संख्या में भी बढ़ोतरी मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राज्य में मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई है। पहले प्रदेश में 11,733 मतदान केंद्र थे, जिन्हें बढ़ाकर अब 12,543 कर दिया गया है। इससे दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों के मतदाताओं को मतदान के दौरान कम दूरी तय करनी पड़ेगी और मतदान प्रतिशत बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। 13 अगस्त तक दर्ज करा सकेंगे दावा और आपत्ति निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह केवल ड्राफ्ट मतदाता सूची है। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम सूची में शामिल नहीं हुआ है, किसी मृत व्यक्ति का नाम अब भी दर्ज है, किसी अन्य व्यक्ति का नाम गलत तरीके से जुड़ा हुआ है अथवा नाम, पता, आयु, फोटो जैसी जानकारी में त्रुटि है, तो संबंधित व्यक्ति 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक दावा एवं आपत्ति दर्ज करा सकता है। इसके लिए नागरिकों को निर्धारित फॉर्म-6 (नया नाम जोड़ने), फॉर्म-7 (नाम हटाने या आपत्ति दर्ज करने) तथा फॉर्म-8 (सुधार या संशोधन) का उपयोग करना होगा। आवेदन ऑनलाइन या संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO), बूथ लेवल अधिकारी (BLO) अथवा निर्वाचन कार्यालय में जमा किए जा सकते हैं। 15 सितंबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची निर्वाचन आयोग ने बताया कि 13 अगस्त तक प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों की जांच एवं निस्तारण किया जाएगा। सभी मामलों का समाधान होने के बाद 15 सितंबर 2026 को उत्तराखंड की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। यही सूची आगामी चुनावों में मतदान के लिए मान्य होगी। मतदाताओं से की गई विशेष अपील निर्वाचन विभाग ने प्रदेश के सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे ड्राफ्ट मतदाता सूची में अपना नाम, पता, फोटो और अन्य विवरण अवश्य जांच लें। यदि किसी प्रकार की त्रुटि दिखाई देती है तो अंतिम सूची जारी होने की प्रतीक्षा न करें, बल्कि निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक सुधार के लिए आवेदन अवश्य करें। समय रहते सुधार कराने से चुनाव के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। प्रमुख बिंदु ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी: 14 जुलाई 2026 कुल मतदाता: 71,33,785 रिकॉर्ड में विसंगतियां: लगभग 19 लाख मतदान केंद्र: 11,733 से बढ़कर 12,543 दावा एवं आपत्ति की अंतिम तिथि: 13 अगस्त 2026 अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन: 15 सितंबर 2026 यह विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान उत्तराखंड की मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। निर्वाचन आयोग का कहना है कि सभी पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल हो तथा अपात्र नामों को हटाया जाए, यही इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। Post Views: 2 Post navigation सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 2026: हर्रावाला से निःशुल्क आस्था ट्रेन रवाना, CM धामी ने दिखाई हरी झंडी; 13 जिलों का पवित्र जल भी पहुंच रहा सोमनाथ मुख्यमंत्री धामी ने विकास कार्यों के लिए करीब 17 करोड़ रुपये की दी वित्तीय मंजूरी, जोशीमठ पुनर्वास से लेकर मंदिर सौंदर्यीकरण और सीवर परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार