Spread the loveनई दिल्ली | 28 जून 2025 | विशेष संवाददाताकेंद्र सरकार ने खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) के नए प्रमुख के रूप में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पराग जैन की नियुक्ति की है। वह देश की सबसे संवेदनशील और रणनीतिक एजेंसी की कमान संभालने वाले चुनिंदा अधिकारियों में शामिल हो गए हैं। पराग जैन को यह जिम्मेदारी ऐसे समय में सौंपी गई है जब देश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा चुनौतियों से घिरा हुआ है।पराग जैन 1991 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं और इससे पहले उन्होंने खुफिया विभाग, सीमा सुरक्षा और विदेशी मिशनों से जुड़ी कई जिम्मेदारियों को बख़ूबी निभाया है। उनका नाम उस समय प्रमुखता में आया जब उन्होंने पाकिस्तान सीमा पर चलाए गए गोपनीय “ऑपरेशन सिंदूर” में एक निर्णायक भूमिका अदा की थी, जिसमें भारत ने दुश्मन के मंसूबों को नाकाम किया था।उनकी नियुक्ति को राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है। सरकार के उच्च सूत्रों के मुताबिक, पराग जैन की जमीनी जानकारी, रणनीतिक सोच और तकनीकी विशेषज्ञता को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) और प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी उनके नाम पर मुहर लगाई।पराग जैन अपने शांत स्वभाव और गुप्तचर तंत्र में उत्कृष्ट पकड़ के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने आतंकवाद विरोधी अभियानों, साइबर निगरानी और सीमापार खुफिया नेटवर्क को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। RAW में उनकी नियुक्ति से यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले वर्षों में भारत का खुफिया ढांचा और अधिक मजबूत और आधुनिक होगा।इस नई नियुक्ति के साथ भारत की खुफिया रणनीति में नई ऊर्जा और दिशा आने की संभावना है। पराग जैन अब देश की सीमाओं के पार और भीतर की हर गतिविधि पर नज़र रखने वाले सबसे अहम पद पर हैं।✍️ रिपोर्ट – दैनिक प्रभातवाणी डिजिटल टीम Post Views: 92 Post navigationसाइबर ठगी में 4 करोड़ रुपये का खुलासा | अंतरराष्ट्रीय गिरोह बेनकाब प्राग्नानंधा बने भारत के नए नंबर 1 शतरंज खिलाड़ी