उत्तराखंड में भीषण गर्मी का प्रकोप, मैदानी इलाकों में पारा 40 डिग्री के करीब, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट
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Uttarakhand में इस बार मई महीने की गर्मी ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ने शुरू कर दिए हैं। राज्य के मैदानी इलाकों में लगातार बढ़ते तापमान ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सुबह से ही तेज धूप और उमस भरी गर्मी का असर दिखाई देने लगा है, जबकि दोपहर होते-होते सड़कें सुनसान होने लगती हैं। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 48 घंटों के दौरान राज्य के कई मैदानी जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इसी को देखते हुए भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने येलो अलर्ट जारी किया है और लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक Haridwar, Dehradun और Nainital समेत कई शहरों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। राज्य के कुछ हिस्सों में गर्म हवाएं चलने लगी हैं, जिससे लोगों को दिन के समय घरों से बाहर निकलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक की अवधि सबसे अधिक गर्म मानी जा रही है।


रुड़की और जसपुर बने सबसे गर्म क्षेत्र

राज्य के मैदानी इलाकों में Roorkee और Jaspur सबसे अधिक गर्म क्षेत्रों में शामिल हो गए हैं। यहां तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है। लगातार बढ़ती गर्मी के कारण बाजारों में भीड़ कम दिखाई दे रही है और लोग केवल जरूरी काम होने पर ही बाहर निकल रहे हैं।

रुड़की में दोपहर के समय गर्म हवाओं का असर इतना अधिक रहा कि कई इलाकों में सड़कें लगभग खाली नजर आईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार मई की गर्मी पिछले वर्षों की तुलना में कहीं ज्यादा तीखी महसूस हो रही है। वहीं जसपुर क्षेत्र में भी उमस और तेज धूप ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में हीटवेव जैसी स्थिति बन सकती है। हालांकि अभी मौसम विभाग ने हीटवेव की औपचारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन येलो अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।


देहरादून और हरिद्वार में बढ़ी परेशानी

राजधानी Dehradun में भी गर्मी का असर तेजी से बढ़ रहा है। सुबह के समय कुछ राहत जरूर महसूस होती है, लेकिन दोपहर होते-होते तापमान काफी बढ़ जाता है। शहर में कई स्थानों पर लोग छांव और ठंडे पेय पदार्थों का सहारा लेते दिखाई दे रहे हैं।

वहीं Haridwar में गर्मी और उमस ने तीर्थ यात्रियों और स्थानीय निवासियों दोनों की परेशानी बढ़ा दी है। हर की पैड़ी और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं को भीषण धूप का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन द्वारा कई जगहों पर पेयजल की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है ताकि लोगों को राहत मिल सके।


नैनीताल में भी बढ़ने लगा तापमान

पहाड़ी क्षेत्र होने के बावजूद Nainital में भी इस बार तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है। आमतौर पर मई-जून में पर्यटक गर्मी से राहत पाने के लिए नैनीताल पहुंचते हैं, लेकिन इस बार वहां भी दोपहर के समय गर्मी का असर महसूस किया जा रहा है।

हालांकि सुबह और शाम के समय मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना हुआ है, लेकिन दिन में धूप काफी तेज हो गई है। पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि बढ़ती गर्मी के बावजूद पर्यटकों की संख्या में कमी नहीं आई है, लेकिन लोग अब दिन की बजाय शाम के समय अधिक बाहर निकलना पसंद कर रहे हैं।


IMD का येलो अलर्ट और स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी

भारतीय मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार मैदानी जिलों में तापमान सामान्य से अधिक बना रहेगा और कुछ क्षेत्रों में गर्म हवाएं चल सकती हैं।

डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनका कहना है कि तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, सिरदर्द, हीट स्ट्रोक और कमजोरी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।

विशेषज्ञों की सलाह है कि लोग दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, हल्के और सूती कपड़े पहनें तथा दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। साथ ही खुले स्थानों पर लंबे समय तक रहने से भी बचने की सलाह दी गई है।


हाईकोर्ट ने वकीलों को दी राहत

भीषण गर्मी का असर अब न्यायिक कार्यों तक पहुंच गया है। Uttarakhand High Court ने वकीलों को बड़ी राहत देते हुए उन्हें बिना काले कोट के अदालत में पेश होने की अनुमति दे दी है।

गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए लिया गया यह निर्णय अधिवक्ताओं के लिए राहत भरा माना जा रहा है। वकीलों का कहना है कि मई-जून की भीषण गर्मी में लंबे समय तक काला कोट पहनना काफी कठिन हो जाता है। हाईकोर्ट के इस कदम का अधिवक्ता समुदाय ने स्वागत किया है।


पहाड़ी जिलों में बारिश से राहत की उम्मीद

जहां मैदानी क्षेत्रों में भीषण गर्मी का असर बना हुआ है, वहीं पहाड़ी जिलों के लिए कुछ राहत भरी खबर भी सामने आई है। मौसम विभाग के अनुसार 20 मई से राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम बदल सकता है।

Uttarkashi, Chamoli, Rudraprayag, Bageshwar और Pithoragarh में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। इससे तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि भारी बारिश की संभावना फिलहाल कम बताई जा रही है।


कृषि और जल संकट पर बढ़ती चिंता

गर्मी का असर अब कृषि क्षेत्र पर भी दिखाई देने लगा है। किसानों का कहना है कि लगातार बढ़ते तापमान और सूखी हवाओं के कारण फसलों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। खासकर सब्जियों और फलों की खेती करने वाले किसान मौसम को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।

इसके अलावा कई क्षेत्रों में जल स्रोतों के सूखने और पानी की मांग बढ़ने से जल संकट की आशंका भी बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग पेयजल की कमी को लेकर चिंता जता रहे हैं।


जलवायु परिवर्तन का असर

विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तराखंड में बढ़ती गर्मी जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का संकेत भी हो सकती है। पिछले कुछ वर्षों में राज्य के मैदानी क्षेत्रों में तापमान लगातार बढ़ता देखा गया है, जबकि पहाड़ी इलाकों में भी मौसम का स्वरूप तेजी से बदल रहा है।

पहले जहां पहाड़ी क्षेत्रों में मई महीने में ठंडक महसूस होती थी, वहीं अब वहां भी दिन के समय गर्मी बढ़ने लगी है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि पर्यावरण संरक्षण और जलवायु संतुलन पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में मौसम और अधिक चरम रूप ले सकता है।


प्रशासन की अपील

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने, अधिक पानी पीने और धूप से बचने की सलाह दी गई है।

इसके साथ ही प्रशासन ने लोगों से यह भी कहा है कि यदि किसी व्यक्ति में हीट स्ट्रोक या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना को देखते हुए सरकारी विभागों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।

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