ऊपर असली, नीचे नकली — ऊधमसिंहनगर में नकली नोटों के बड़े खेल का भंडाफोड़, “ऑपरेशन प्रहार” से खुला पूरा रैकेट
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 ऊधमसिंहनगर। उत्तराखंड के ऊधमसिंहनगर जिले में पुलिस ने एक ऐसे संगठित अपराध का पर्दाफाश किया है, जिसने नकली नोटों के जरिए पूरे क्षेत्र में अवैध आर्थिक गतिविधियों का जाल बिछाने की कोशिश की थी। यह मामला कोतवाली गदरपुर क्षेत्र से सामने आया है, जहां पुलिस की सतर्कता और खुफिया तंत्र की सक्रियता के चलते एक बड़े नकली नोट रैकेट का खुलासा हुआ है। इस कार्रवाई को पुलिस ने “ऑपरेशन प्रहार” नाम दिया है, जिसके तहत न केवल भारी मात्रा में नकली और असली नोट बरामद किए गए, बल्कि दो शातिर आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है।

इस पूरे ऑपरेशन की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बरामद की गई नोटों की गड्डियों में चालाकी से ऊपर असली नोट रखे गए थे, जबकि नीचे भारी मात्रा में नकली नोट छिपाकर रखे गए थे, ताकि शुरुआती जांच में किसी को शक न हो सके। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि इन नकली नोटों में बच्चों के खेल-खिलौनों में इस्तेमाल होने वाले “Children Bank of India” जैसे प्रिंट वाले नोट भी शामिल थे, जिन्हें असली मुद्रा के रूप में बाजार में चलाने की कोशिश की जा रही थी।

पुलिस के अनुसार यह पूरा नेटवर्क बेहद सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था और इसका उद्देश्य स्थानीय बाजारों में नकली मुद्रा फैलाकर आर्थिक धोखाधड़ी को अंजाम देना था। शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि आरोपी लंबे समय से इस अवैध धंधे में सक्रिय थे और छोटे व्यापारियों को निशाना बनाकर नकली नोट खपाने की कोशिश कर रहे थे।

इस बड़ी कार्रवाई का नेतृत्व वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में किया गया, जिसमें Uttarakhand Police की विशेष टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूरे अभियान की मॉनिटरिंग उच्च अधिकारियों द्वारा की जा रही थी, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि अपराधियों को किसी भी तरह से भागने का मौका न मिले।

इस मामले में पुलिस की रणनीति काफी सटीक रही। गुप्त सूचना के आधार पर पहले संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी गई, और जैसे ही पुख्ता सबूत मिले, गदरपुर क्षेत्र में दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के दौरान भारी मात्रा में नकदी, नकली नोटों की गड्डियां और नोट छापने से जुड़े संदिग्ध दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई कुल रकम असली और नकली दोनों मिलाकर लगभग 04 करोड़ 54 लाख रुपये के आसपास आंकी गई है। हालांकि इसमें कितनी राशि असली है और कितनी नकली, इसकी विस्तृत फॉरेंसिक जांच अभी जारी है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि नकली नोटों को इस तरह से पैक किया गया था कि पहली नजर में वे असली मुद्रा जैसे प्रतीत हों।

इस पूरे अभियान को “ऑपरेशन प्रहार” नाम दिया गया है, जो हाल के समय में जिले में चलाए जा रहे सख्त अपराध विरोधी अभियानों का हिस्सा है। इस ऑपरेशन की सफलता ने न केवल पुलिस की सतर्कता को उजागर किया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि संगठित आर्थिक अपराधों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

एसएसपी स्तर पर इस कार्रवाई को लेकर सख्त रुख अपनाया गया है और संकेत दिए गए हैं कि नकली मुद्रा के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह नेटवर्क केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे किसी बड़े गिरोह की भूमिका भी हो सकती है, जिसकी जांच की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आने की उम्मीद है, जिनके आधार पर इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि नकली नोटों की सप्लाई किन-किन क्षेत्रों में की जा रही थी और इसका वितरण किस माध्यम से किया जा रहा था।

इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में व्यापारियों और स्थानीय लोगों में भी राहत का माहौल देखा गया है। छोटे व्यापारियों ने बताया कि बाजार में नकली नोटों के चलन की आशंका पहले से बनी हुई थी, लेकिन अब पुलिस की इस कार्रवाई से काफी हद तक भरोसा बढ़ा है।

हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि नकली नोटों के ऐसे मामले सिर्फ गिरफ्तारी से पूरी तरह खत्म नहीं होते, बल्कि इसके लिए व्यापक जागरूकता और बैंकिंग सिस्टम की सतर्कता भी जरूरी है। दुकानदारों और आम लोगों को नोटों की पहचान के प्रति अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसे किसी भी धोखे से बचा जा सके।

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया है कि नकली मुद्रा का कारोबार केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि यह देश की वित्तीय व्यवस्था को कमजोर करने की साजिश भी है। ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई और खुफिया तंत्र की सक्रियता बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

“ऑपरेशन प्रहार” की यह सफलता ऊधमसिंहनगर पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, जिसने न केवल एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं बची है।

दैनिक प्रभातवाणी इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और आगे की जांच में जैसे-जैसे नए तथ्य सामने आएंगे, उन्हें प्राथमिकता के साथ पाठकों तक पहुंचाया जाएगा।

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