गंगा में सेल्फी बनी जानलेवा, पत्नी और बेटी के सामने बह गए सॉफ्टवेयर इंजीनियर
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ऋषिकेश। उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित कौड़ियाला क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे ने पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गाजियाबाद के इंदिरापुरम निवासी 43 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर आशीष जैन गंगा नदी के तेज बहाव में बह गए। घटना उस समय हुई जब वह अपनी पत्नी और बेटी के साथ गंगा किनारे घूमने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि नदी किनारे फोटो और सेल्फी लेने के दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वह तेज बहाव की चपेट में आ गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना अचानक हुआ कि परिवार के सदस्य और आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही आशीष जैन नदी की तेज धाराओं में बह गए। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।

एसडीआरएफ की ढालवाला टीम, डीप डाइवर्स और राफ्टिंग विशेषज्ञ लगातार गंगा नदी में खोज अभियान चला रहे हैं। कौड़ियाला से लेकर ऋषिकेश तक विभिन्न स्थानों पर सर्च ऑपरेशन जारी है। हालांकि नदी का तेज बहाव, गहराई और पानी के भीतर मौजूद चट्टानें राहत एवं बचाव कार्य में बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी नदियां देखने में शांत लग सकती हैं, लेकिन इनमें अंडरकरंट बेहद खतरनाक होता है। कई बार ऊपरी क्षेत्रों में बारिश या बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण जलस्तर अचानक बढ़ जाता है। इसके अलावा नदी किनारे की चट्टानों पर जमी काई भी फिसलन का कारण बनती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे गंगा और अन्य नदियों के किनारे फोटो या सेल्फी लेने के दौरान विशेष सावधानी बरतें। केवल अधिकृत और सुरक्षित घाटों का ही उपयोग करें तथा बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। अधिकारियों ने कहा है कि मानसून सीजन के करीब आते ही नदियों का बहाव और अधिक खतरनाक हो सकता है।

यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि कुछ सेकंड की लापरवाही जिंदगीभर का दर्द बन सकती है। प्रशासन ने लोगों से प्राकृतिक स्थलों पर सुरक्षा नियमों का पालन करने और किसी भी जोखिम भरे कदम से बचने की अपील की है।

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