Spread the loveउत्तरकाशी। चारधाम यात्रा 2026 के दौरान गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं की संख्या ने नया इतिहास रच दिया है। यात्रा शुरू होने के शुरुआती हफ्तों में ही दोनों धामों में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 10 लाख के पार पहुंच गई है। लगातार बढ़ रही भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और विभिन्न एजेंसियां चौबीसों घंटे व्यवस्था संभालने में जुटी हुई हैं। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशन में यात्रा मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि रिकॉर्ड संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए यात्रा मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल, यातायात कर्मी और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में टोकन और स्लॉट आधारित दर्शन व्यवस्था लागू की गई है। इससे यात्रियों को लंबी कतारों में खड़े रहने की परेशानी कम हो रही है और भीड़ नियंत्रण में मदद मिल रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य है और बिना पंजीकरण वाले यात्रियों को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यात्रा मार्गों पर जाम की स्थिति से बचने के लिए उत्तरकाशी, बड़कोट और धरासू बैंड सहित विभिन्न स्थानों पर ट्रैफिक होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं। वाहनों को नियंत्रित तरीके से आगे भेजा जा रहा है ताकि सड़क मार्ग सुचारू बना रहे और आपातकालीन सेवाओं को किसी प्रकार की बाधा का सामना न करना पड़े। स्वच्छता व्यवस्था को भी विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। स्वजल परियोजना के तहत यात्रा मार्ग, पैदल रास्तों और धाम परिसरों में अतिरिक्त सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है। प्लास्टिक कचरे पर नियंत्रण के लिए डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम लागू किया गया है, जिसके माध्यम से खाली प्लास्टिक बोतलें जमा करने पर प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इसके अलावा यात्रियों की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर आधुनिक बायो-टॉयलेट्स की व्यवस्था भी की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम ऊंचाई वाले क्षेत्र हैं, जहां ऑक्सीजन का स्तर अपेक्षाकृत कम रहता है। विशेषज्ञों ने बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। सिरदर्द, चक्कर, सांस लेने में दिक्कत या उल्टी जैसी समस्याएं होने पर तत्काल नजदीकी मेडिकल कैंप से संपर्क करने को कहा गया है। चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व संख्या उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती है। प्रशासन ने यात्रियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें, पंजीकरण करवाकर ही यात्रा करें और मौसम व स्वास्थ्य संबंधी निर्देशों को गंभीरता से लें। Post Views: 3 Post navigation गंगा में सेल्फी बनी जानलेवा, पत्नी और बेटी के सामने बह गए सॉफ्टवेयर इंजीनियर उत्तराखंड में मौसम का दोहरा मिजाज: मैदानी क्षेत्रों में भीषण गर्मी का कहर, पहाड़ों में बारिश से राहत