Spread the love चंपावत में सामने आए नाबालिग गैंगरेप मामले ने अब नया और संवेदनशील मोड़ ले लिया है। इस मामले में बीजेपी के एक पूर्व पदाधिकारी समेत तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद जहां पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है, वहीं अब आरोपियों के परिजन खुलकर मीडिया के सामने आ गए हैं। परिवारों ने आरोप लगाया है कि उनके सदस्यों को राजनीतिक प्रतिशोध और व्यक्तिगत दुश्मनी के चलते इस मामले में फंसाया जा रहा है। दूसरी ओर पुलिस ने साफ कहा है कि मामले की निष्पक्ष और गंभीर जांच की जा रही है तथा दोषी पाए जाने वालों पर कठोर कार्रवाई होगी। मामले ने इसलिए भी ज्यादा तूल पकड़ लिया है क्योंकि इसमें एक राजनीतिक दल से जुड़े नेता का नाम सामने आया है। घटना के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय स्तर पर भी लोग इस पूरे मामले को लेकर अलग-अलग राय रखते दिखाई दे रहे हैं। इसी बीच आरोपियों के परिवारों द्वारा दिए गए बयानों ने पूरे घटनाक्रम को नया ट्वीस्ट दे दिया है। एक आरोपी की पत्नी और बेटी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि उनके परिवार को सुनियोजित तरीके से बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। आरोपी की बेटी ने भावुक होते हुए कहा कि घटना वाली रात उसके पिता घर पर ही मौजूद थे और पूरा परिवार उनके साथ था। उसने कहा कि उसके पिता निर्दोष हैं और उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है। बेटी ने कहा कि उनके परिवार की सामाजिक छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है और उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। आरोपी की पत्नी ने भी मीडिया के सामने अपनी पीड़ा जाहिर की। उन्होंने कहा कि जिस नाबालिग बच्ची के साथ घटना होने की बात कही जा रही है, उनकी अपनी बेटी भी लगभग उसी उम्र की है और वह किसी भी लड़की के साथ ऐसी घटना की कल्पना भी नहीं कर सकतीं। उन्होंने कहा कि उनके पति को राजनीतिक और सामाजिक साजिश के तहत इस मामले में घसीटा गया है। परिवार का कहना है कि कुछ लोग पुरानी रंजिश निकालने के लिए इस मामले का इस्तेमाल कर रहे हैं। महिला ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति विशेष लगातार उनके परिवार को निशाना बना रहा था और अब उसी के कारण यह स्थिति बनी है। इसी तरह दूसरे आरोपी के पिता ने भी अपने बेटे को निर्दोष बताते हुए कहा कि बिना जांच पूरी हुए उनके बेटे को अपराधी की तरह पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सच सामने आने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना गलत होगा। परिवारों का कहना है कि मीडिया ट्रायल के कारण उन्हें सामाजिक रूप से भारी दबाव झेलना पड़ रहा है। उधर मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस लगातार जांच में जुटी हुई है। कुमाऊं रेंज की आईजी रिधिम अग्रवाल ने स्पष्ट कहा है कि पुलिस हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। आईजी ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को लेकर पुलिस बेहद संवेदनशील है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। आईजी ने लोगों से सोशल मीडिया पर अफवाहें और भ्रामक जानकारियां फैलाने से बचने की अपील भी की है। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर कई तरह की अपुष्ट बातें सामने आ रही हैं, जिससे जांच प्रभावित हो सकती है। इसलिए पुलिस तथ्यों और सबूतों के आधार पर ही कार्रवाई करेगी। क्या है पूरा मामला? पीड़िता के पिता के अनुसार पांच मई को वह अपनी नाबालिग बेटी को इलाज के लिए चंपावत लाए थे। इलाज के बाद वह वापस गांव लौट गए, जबकि उनकी बेटी अपनी सहेली के विवाह समारोह में शामिल होने के लिए चंपावत में ही रुक गई थी। पिता ने बताया कि शाम तक बेटी घर नहीं पहुंची तो उन्हें चिंता होने लगी। उन्होंने बेटी को फोन किया, जिस पर बेटी ने बताया कि वह अपने एक दोस्त के साथ सहेली के गांव शादी कार्यक्रम में गई हुई है। देर रात तक भी जब बेटी वापस नहीं लौटी तो परिवार की चिंता बढ़ गई। पिता ने दोबारा फोन करने की कोशिश की लेकिन मोबाइल बंद आने लगा। इसी बीच रात करीब 1:28 बजे बेटी का फोन आया, लेकिन बात नहीं हो सकी और तुरंत फोन स्विच ऑफ हो गया। इसके बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी और स्थानीय लोगों की मदद से तलाश शुरू की गई। परिजनों के अनुसार सुबह करीब चार बजे नाबालिग लड़की सहेली के गांव के पास एक कमरे में मिली। पिता का आरोप है कि उनकी बेटी बंधी हुई थी और डरी-सहमी हालत में थी। लड़की ने बताया कि तीन युवकों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने पीड़िता के पिता की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। शुरुआती जांच में बीजेपी के एक पूर्व पदाधिकारी समेत तीन लोगों के नाम सामने आए। इसके बाद मामला तेजी से राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया। विपक्षी दलों ने सरकार और कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने शुरू कर दिए, जबकि दूसरी ओर आरोपियों के परिवार इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। मेडिकल रिपोर्ट, कॉल डिटेल्स, घटनास्थल से जुटाए गए सबूत और अन्य तकनीकी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। पूरे प्रदेश की नजर अब इस हाई प्रोफाइल मामले की जांच और उसके निष्कर्ष पर टिकी हुई है। Post Views: 10 Post navigation पौड़ी पुलिस का बड़ा एक्शन: नशा तस्करी नेटवर्क का मास्टरमाइंड हल्द्वानी से गिरफ्तार, टैक्सी ड्राइवर की आड़ में चल रहा था धंधा फर्जी कंपनी बनाकर 2.5 करोड़ से अधिक की ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, टिहरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई