Spread the loveChamoli जिले में लगातार बदलते मौसम के बीच बड़ा भूस्खलन होने से नीति-मलारी नेशनल हाईवे पूरी तरह बाधित हो गया है। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बड़े पत्थर सड़क पर गिरने के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया। हाईवे बंद होने से सीमांत क्षेत्रों के कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।बताया जा रहा है कि लैंडस्लाइड के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई यात्री और स्थानीय लोग घंटों तक रास्ता खुलने का इंतजार करते रहे। प्रशासन को सूचना मिलते ही पुलिस, लोक निर्माण विभाग और सीमा सड़क संगठन की टीमें मौके पर भेजी गईं। मलबा हटाने के लिए जेसीबी मशीनों की मदद ली जा रही है, लेकिन लगातार पत्थर गिरने और खराब मौसम के कारण राहत कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं।नीति-मलारी मार्ग उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस सड़क के जरिए कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से बना रहता है। सड़क बंद होने से जरूरी सामान की आपूर्ति और आवाजाही प्रभावित हो गई है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द मार्ग खोलने की मांग की है।प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचें। संवेदनशील इलाकों में पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें निगरानी बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मौसम साफ होते ही सड़क को खोलने का काम तेज किया जाएगा।प्रदेश में मानसून से पहले ही भूस्खलन की घटनाएं बढ़ने लगी हैं, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। हाल ही में राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए SDRF के तहत अतिरिक्त बजट जारी किया है ताकि ऐसे हालात से तेजी से निपटा जा सके।स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान इस मार्ग पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में लगातार अपडेट लिए जा रहे हैं। Post Views: 6 Post navigationउत्तराखंड में मानसून से पहले बड़ा एक्शन, धामी सरकार ने SDRF के लिए जारी किए ₹130 करोड़, कैबिनेट विस्तार की चर्चाओं से गरमाई राजनीति मौसम विभाग ने 11 से 16 मई तक येलो अलर्ट जारी किया