देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में सॉफ्टवेयर इंजीनियर आकाश कुमार के साथ हुई सनसनीखेज वारदात का दून पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच के दौरान कई अहम तथ्य सामने आए हैं, जिनके बाद पुलिस ने शुरुआती अपहरण की थ्योरी को खारिज कर दिया है। पुलिस के अनुसार 6 मई की रात करीब 2:15 बजे सहस्रधारा क्रॉसिंग पर आरोपियों ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर आकाश कुमार से रास्ता पूछने के बहाने बातचीत शुरू की। इसके बाद दोनों युवक उसे घर छोड़ने की बात कहकर अपनी स्कूटी पर साथ ले गए। जांच में सामने आया कि पीड़ित अपनी मर्जी से आरोपियों के साथ जामुनवाला क्षेत्र में निर्माणाधीन पुल पर गया था, जहां तीनों ने शराब पी। उत्तराखंड पुलिस की जांच के मुताबिक शराब पीने के दौरान मोबाइल छीनने को लेकर विवाद हो गया। छीनाझपटी और हाथापाई के दौरान संतुलन बिगड़ने से इंजीनियर पुल से नीचे गिर गया, जिससे उसकी रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए और पीड़ित के मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गए। मामले में पहला आरोपी मृदुल गुरुंग (20 वर्ष), निवासी गढ़ी कैंट, को 12 मई को मीठी बेहड़ी रोड से गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से लूटा गया लगभग ₹60 हजार कीमत का आईफोन बरामद किया गया। वहीं दूसरे आरोपी अस्मित थापा, निवासी गढ़ी डाकरा, को पुलिस ने कोल्हुपानी रोड से गिरफ्तार किया। उसके पास से पीड़ित का दूसरा रियलमी मोबाइल फोन बरामद हुआ है। पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे नशे के आदी हैं और नशे की जरूरत पूरी करने के लिए उन्होंने लूट की योजना बनाई थी। मामले में पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने स्पष्ट किया है कि जांच और बयानों के आधार पर इस मामले में अपहरण जैसी स्थिति सामने नहीं आई है। घटना के बाद शहर में देर रात सुरक्षा व्यवस्था और युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
Spread the love
देहरादून, उत्तराखंड:

राजधानी देहरादून में सुरक्षा व्यवस्था को खुली चुनौती देते हुए बदमाशों द्वारा एक बेहद सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया गया है। शहर के प्रेमनगर क्षेत्र में इंजीनियर आकाश का अपहरण कर उसके साथ लूटपाट की गई और इसके बाद उसे गंभीर हालत में पुल से नीचे फेंक दिया गया। यही नहीं, आरोप है कि बदमाशों ने उसकी मौत सुनिश्चित करने के इरादे से उस पर पत्थर भी बरसाए।

यह घटना प्रेमनगर क्षेत्र के पास हुई, जहां बदमाशों ने इंजीनियर आकाश को लगभग 10 किलोमीटर तक अपने साथ घुमाया और उसके साथ लगातार मारपीट व लूट की वारदात को अंजाम दिया। जान बचाने के लिए आकाश रातभर पास के पिलर के पीछे छिपा रहा और किसी तरह अपनी जान बचाने की कोशिश करता रहा।

सुबह स्थानीय लोगों ने जब उसे घायल अवस्था में देखा तो तुरंत सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची भारतीय सेना के जवानों ने उसे नदी क्षेत्र से बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार के लिए भेजा। डॉक्टरों के अनुसार पीड़ित की रीढ़ की हड्डी में गंभीर फ्रैक्चर हुआ है, जिससे उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

पीड़ित के परिजनों ने बताया कि घटना के बाद जब वे पुलिस के पास पहुंचे तो उन्हें शुरुआती स्तर पर सीमा विवाद और क्षेत्राधिकार की बात कहकर टाल दिया गया, जिससे तहरीर दर्ज कराने में देरी हुई। हालांकि बाद में किसी तरह शिकायत दर्ज की गई।

इस पूरे मामले को लेकर देहरादून पुलिस जांच में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन किया गया है और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।

इस वारदात ने देहरादून में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं स्थानीय लोगों में भी दहशत और आक्रोश का माहौल है।

You missed