मौसम: मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी, पहाड़ों में राहत, बदले मिजाज ने बढ़ाई चिंता
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देहरादून, 26 अप्रैल 2026। उत्तराखंड में इस समय मौसम का स्वरूप पूरी तरह दो हिस्सों में बंटा हुआ नजर आ रहा है। एक ओर जहां मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी और लू जैसे हालात लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं, वहीं दूसरी ओर पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से मौसम सुहावना हो गया है। इस असमान मौसम ने न सिर्फ आम जनजीवन को प्रभावित किया है, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि जैसे कई क्षेत्रों में भी असर डालना शुरू कर दिया है।

राजधानी देहरादून में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि हरिद्वार में पारा 41 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया। दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को घरों में रहने के लिए मजबूर कर दिया है। सड़कों पर दोपहर के समय सन्नाटा देखने को मिल रहा है और जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोग भी गर्मी से बचने के उपाय करते नजर आ रहे हैं। बाजारों में भी दोपहर के समय भीड़ कम हो गई है, जिससे व्यापारियों पर भी असर पड़ा है।

दूसरी ओर, पहाड़ी जिलों जैसे उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग में मौसम ने राहत दी है। यहां कई स्थानों पर हल्की बारिश हुई है, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की खबरें भी सामने आई हैं। इस बदलाव से जहां स्थानीय लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं पर्यटकों के लिए यह मौसम आकर्षण का केंद्र बन गया है। पहाड़ों में ठंडी हवाएं और बादलों की आवाजाही ने वातावरण को बेहद सुहावना बना दिया है।

मौसम विभाग ने इस बदलते मिजाज को देखते हुए कई पर्वतीय जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम और ज्यादा अस्थिर हो सकता है। 28 अप्रैल के बाद राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओं, बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। ऐसे में प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

मैदानी इलाकों में बढ़ती गर्मी का सबसे ज्यादा असर आम जनजीवन पर देखने को मिल रहा है। अस्पतालों में गर्मी से संबंधित बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। लू, डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और थकावट जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि वे दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचें, अधिक से अधिक पानी पिएं और हल्के कपड़े पहनें। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत बताई जा रही है।

गर्मी का असर शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ा है। राज्य सरकार ने छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव किया है। नई समय सारिणी के अनुसार स्कूल अब सुबह जल्दी खुलेंगे और दोपहर से पहले बंद हो जाएंगे। यह व्यवस्था 26 मई तक लागू रहेगी। इस फैसले से अभिभावकों और शिक्षकों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि दोपहर की तेज गर्मी में बच्चों का स्कूल आना-जाना मुश्किल हो रहा था।

कृषि क्षेत्र में भी इस मौसम के दोहरे प्रभाव को साफ देखा जा रहा है। मैदानी क्षेत्रों में जहां फसलों पर गर्मी का प्रतिकूल असर पड़ रहा है, वहीं पहाड़ी इलाकों में बारिश और ठंडक से फसलों को फायदा हो रहा है। किसान इस स्थिति को लेकर चिंतित भी हैं और आशान्वित भी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में संतुलित बारिश होती है, तो फसलों की स्थिति सुधर सकती है।

पर्यटन उद्योग के लिए यह मौसम मिश्रित संकेत लेकर आया है। एक ओर मैदानी इलाकों की भीषण गर्मी लोगों को पहाड़ों की ओर आकर्षित कर रही है, वहीं दूसरी ओर मौसम विभाग के अलर्ट ने कुछ पर्यटकों को सावधान भी कर दिया है। होटल व्यवसायियों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है, खासकर उन इलाकों में जहां मौसम सुहावना बना हुआ है।