हरिद्वार गंगा घाट पर बवाल, वायरल वीडियो के बाद श्रद्धालुओं में आक्रोश
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हरिद्वार:धार्मिक नगरी Haridwar में गंगा घाट से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर गंगा नदी में कचरा और चिकन बिरयानी से भरा ड्रम फेंकते हुए कुछ लोग दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों ने इसे आस्था और पवित्र गंगा के अपमान से जोड़ते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ वीडियो

वायरल वीडियो में कुछ लोग कथित रूप से ड्रम और कचरा गंगा नदी में फेंकते नजर आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि ड्रम में चिकन बिरयानी या खाद्य अपशिष्ट भरा हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी और प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग शुरू हो गई।

हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक वीडियो की पूरी सत्यता और उसमें दिखाई दे रही सामग्री की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी

Har Ki Pauri समेत कई घाटों पर पहुंचे श्रद्धालुओं ने घटना पर नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि गंगा केवल नदी नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है और इस तरह की हरकतें धार्मिक भावनाओं को आहत करती हैं।

स्थानीय संत समाज और धार्मिक संगठनों ने भी मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर आरोपियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है।

पुलिस ने शुरू की जांच

Uttarakhand Police ने बताया कि मामले में तहरीर मिलने के बाद जांच शुरू कर दी गई है। वायरल वीडियो की सत्यता, घटना का स्थान और उसमें शामिल लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है।

अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अफवाहें न फैलाने और जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखने की अपील की है।

गंगा स्वच्छता को लेकर फिर उठे सवाल

इस घटना के बाद गंगा की स्वच्छता और घाटों पर निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। पर्यावरण और सामाजिक संगठनों का कहना है कि गंगा में कचरा और अपशिष्ट फेंकने की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निगरानी और जुर्माने की जरूरत है।

विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक स्थलों पर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जनजागरूकता बढ़ाना भी बेहद जरूरी है, ताकि गंगा की पवित्रता और स्वच्छता बनी रहे।