Spread the loveऋषिकेश। देहरादून-ऋषिकेश हाईवे पर मंगलवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे से अफरा-तफरी मच गई। हादसा ऋषिकेश क्षेत्र में काली मंदिर के समीप प्रसिद्ध ‘सात मोड़’ इलाके में हुआ, जहां दो यात्री बसों और एक लग्जरी कार की आमने-सामने टक्कर हो गई। दुर्घटना इतनी जोरदार थी कि बीच में फंसी टोयोटा इनोवा कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया और मौके पर चीख-पुकार मच गई।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार देहरादून से ऋषिकेश की ओर आ रही ‘विश्वनाथ सेवा’ बस ने रास्ते में एक वाहन को ओवरटेक करने का प्रयास किया। इसी दौरान सामने से आ रही श्रद्धालुओं से भरी दूसरी बस से उसकी सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर के दौरान बीच में चल रही लग्जरी कार भी दोनों वाहनों की चपेट में आ गई। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के समय वाहनों की रफ्तार काफी तेज थी। वहीं कुछ रिपोर्टों में कार चालक को झपकी आने की संभावना भी जताई जा रही है, हालांकि पुलिस अभी सभी पहलुओं की जांच कर रही है।हादसे में शामिल एक बस में मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से आए श्रद्धालु सवार थे, जो चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड पहुंचे थे। दूसरी बस स्थानीय यात्रियों को लेकर देहरादून से ऋषिकेश की ओर जा रही थी। अचानक हुई जोरदार टक्कर से यात्रियों में दहशत फैल गई। कई लोग सीटों से उछल गए जबकि कार पूरी तरह दब गई।गनीमत यह रही कि हादसा बेहद भयावह होने के बावजूद बड़ी जनहानि नहीं हुई। दुर्घटना में कुल पांच लोग घायल बताए गए हैं। कार में सवार तीन घायलों को गंभीर चोटें आने के बाद जौलीग्रांट स्थित Himalayan Hospital में भर्ती कराया गया है। वहीं बसों में घायल दो यात्रियों को ऋषिकेश के सरकारी अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों के अनुसार सभी घायलों का उपचार जारी है और उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।हादसे की सूचना मिलते ही ऋषिकेश पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर क्षतिग्रस्त वाहनों में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। इसके बाद क्रेन की सहायता से दुर्घटनाग्रस्त बसों और कार को हाईवे से हटाया गया ताकि यातायात दोबारा सुचारू किया जा सके। करीब एक घंटे तक हाईवे पर लंबा जाम लगा रहा और वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही।चारधाम यात्रा सीजन के दौरान इस मार्ग पर लगातार वाहनों का दबाव बढ़ा हुआ है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन ने वाहन चालकों से सावधानी बरतने की अपील की है। विशेष रूप से पहाड़ी मार्गों और घुमावदार मोड़ों पर ओवरटेक न करने तथा तेज गति से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने यात्रियों से यात्रा के दौरान पर्याप्त आराम करने और थकान की स्थिति में वाहन न चलाने की भी अपील की है।स्थानीय लोगों का कहना है कि सात मोड़ क्षेत्र पहले भी कई सड़क हादसों का गवाह बन चुका है। यहां तीखे मोड़ और तेज रफ्तार अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। लोगों ने प्रशासन से इस क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम और ट्रैफिक नियंत्रण उपाय बढ़ाने की मांग की है। Post Views: 2 Post navigationदेहरादून में नर्सिंग भर्ती आंदोलन उग्र, 40 घंटे से पानी की टंकी पर डटीं ज्योति रौतेला, आत्मदाह की कोशिश से मचा हड़कंप देहरादून में रिश्वतखोरी पर ट्रांसपोर्टरों का गुस्सा फूटा, इंस्पेक्टर को दुकान में बंद किया, नोटों की गड्डियों का वीडियो वायरल