गंगोत्री हाईवे पर घायल युवक की पुलिस और आईटीबीपी जवानों ने बचाई जान, पेश की मानवता की मिसाल
Spread the love
उत्तरकाशी। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार को एक सड़क दुर्घटना के दौरान पुलिस और आईटीबीपी जवानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घायल युवक की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह घटना बिशनपुर, मनेरी क्षेत्र के पास हुई, जहां एक मोटरसाइकिल अचानक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद पुलिस और आईटीबीपी जवानों ने बिना समय गंवाए घायल युवक की मदद कर मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश की।

जानकारी के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त मोटरसाइकिल का नंबर UK 07BG 3796 था, जो पल्सर बाइक बताई जा रही है। हादसे के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसी दौरान मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों और आईटीबीपी जवानों ने तुरंत स्थिति को संभाला और घायल युवक को प्राथमिक उपचार देना शुरू किया। जवानों ने घायल की हालत को देखते हुए तत्काल 108 एम्बुलेंस सेवा को सूचना दी और बिना किसी देरी के युवक को जिला अस्पताल उत्तरकाशी भिजवाया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि समय पर सहायता नहीं मिलती तो घायल युवक की हालत और गंभीर हो सकती थी। पुलिस और आईटीबीपी की तत्परता के कारण युवक को जल्दी इलाज मिल सका। स्थानीय लोगों ने भी जवानों की इस संवेदनशीलता और त्वरित मदद की सराहना की है।

यह घटना एक बार फिर ‘गुड सेमेरिटन’ यानी नेक मददगार नागरिकों की भूमिका को सामने लाती है। सड़क हादसों में घायल लोगों की मदद करने वाले व्यक्तियों को सरकार द्वारा ‘गुड सेमेरिटन’ कहा जाता है। केंद्र और राज्य सरकारें ऐसी मदद को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष योजनाएं भी चला रही हैं। ‘गुड सेमेरिटन योजना’ के तहत दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने वालों को सम्मानित और प्रोत्साहित किया जाता है। साथ ही उन्हें अनावश्यक पुलिस पूछताछ और कानूनी परेशानियों से भी संरक्षण दिया गया है।

पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि सड़क दुर्घटना देखने पर घायल व्यक्ति की मदद करने से पीछे न हटें। समय पर दी गई सहायता किसी की जान बचा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि आमजन की जागरूकता और सहयोग से सड़क हादसों में होने वाली मौतों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

उत्तरकाशी पुलिस और आईटीबीपी जवानों की इस त्वरित कार्रवाई को स्थानीय लोगों ने सराहनीय बताया है। यह घटना न केवल मानवीय संवेदनशीलता का उदाहरण बनी है, बल्कि समाज को यह संदेश भी देती है कि किसी जरूरतमंद की समय पर मदद करना सबसे बड़ा मानव धर्म है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *