Spread the loveदेहरादून। उत्तराखंड में विकास कार्यों और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान को नई गति देने के उद्देश्य से शनिवार, 4 जुलाई से ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत हो गई है। इसके साथ ही देहरादून जिले को 51 विकास परियोजनाओं की महत्वपूर्ण सौगात मिली है, जिनके माध्यम से जिले के बुनियादी ढांचे और जनसुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़े कदम उठाए गए हैं। इन 51 परियोजनाओं में कई पूर्ण हो चुकी विकास योजनाओं का लोकार्पण किया गया, जबकि अनेक नई परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया। इन कार्यों में सड़क, पेयजल, सामुदायिक सुविधाएं, शहरी विकास, जनसेवा और आधारभूत ढांचे से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। विशेष रूप से देहरादून और ऋषिकेश क्षेत्र में इन योजनाओं से यातायात, नागरिक सुविधाओं और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। राज्य सरकार का कहना है कि विकास योजनाओं का उद्देश्य केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना और बुनियादी सेवाओं को आम नागरिकों की पहुंच तक प्रभावी रूप से पहुंचाना भी है। इसी सोच के साथ ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के दूसरे चरण को जनकेंद्रित स्वरूप दिया गया है। अभियान के तहत अगले 15 दिनों तक प्रदेशभर में ब्लॉक, तहसील और जिला स्तर पर विशेष समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में प्रशासनिक अधिकारी स्वयं उपस्थित रहकर आम लोगों की समस्याएं सुनेंगे और उनका यथासंभव मौके पर ही समाधान करने का प्रयास करेंगे। पेंशन, राशन कार्ड, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, राजस्व संबंधी मामलों और अन्य स्थानीय समस्याओं के निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि प्रशासन को जनता के द्वार तक ले जाने से शिकायतों के निस्तारण में तेजी आएगी और लोगों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिलेगी। इसके साथ ही विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी भी सीधे नागरिकों तक पहुंचाई जाएगी, ताकि पात्र लाभार्थी समय पर योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शिविरों के दौरान प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से समाधान सुनिश्चित किया जाए। प्रशासनिक स्तर पर अभियान की नियमित निगरानी की भी व्यवस्था की गई है, जिससे जनता को त्वरित राहत प्रदान की जा सके। उत्तराखंड में विकास परियोजनाओं और जनसमस्या समाधान के इस संयुक्त अभियान को प्रशासन और जनता के बीच संवाद एवं विश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इन विकास परियोजनाओं और समाधान शिविरों का प्रभाव प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में प्रत्यक्ष रूप से देखने को मिल सकता है। Post Views: 2 Post navigation उत्तराखंड में मानसून का कहर: 8 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट, भूस्खलन का बढ़ा खतरा रुद्रप्रयाग के फाटा में भूस्खलन का कहर: मलबे में दबने से 4 नेपाली मजदूरों की दर्दनाक मौत, मूसलाधार बारिश से चारधाम मार्ग भी प्रभावित