Spread the love देहरादून। दैनिक प्रभातवाणी । उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को देहरादून के हर्रावाला रेलवे स्टेशन से ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व – विशेष निःशुल्क ट्रेन यात्रा 2026’ का शुभारंभ करते हुए विशेष आस्था ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के जयकारों के बीच उत्साहपूर्वक अपनी यात्रा शुरू की। इस विशेष पहल का उद्देश्य उत्तराखंड के लोगों को गुजरात स्थित विश्वप्रसिद्ध सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन कराना और देश की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक एकता को सशक्त बनाना है। पूरी तरह निःशुल्क है यात्रा राज्य सरकार के सहयोग से संचालित इस विशेष ट्रेन में यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं को आने-जाने, भोजन और यात्रा प्रबंधन जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस योजना का लाभ राज्य के विभिन्न जिलों से चयनित श्रद्धालुओं को दिया गया है ताकि आर्थिक स्थिति किसी भी श्रद्धालु की आस्था के मार्ग में बाधा न बने। 13 जिलों का पवित्र जल पहुंचाया जा रहा सोमनाथ इस यात्रा की सबसे विशेष बात यह है कि उत्तराखंड के सभी 13 जिलों से पवित्र नदियों और धार्मिक स्थलों का जल कलश भी श्रद्धापूर्वक सोमनाथ धाम भेजा गया है। इन कलशों का जल सोमनाथ मंदिर में विशेष पूजन-अभिषेक में उपयोग किया जाएगा। इसे उत्तराखंड और गुजरात के बीच सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है। मुख्यमंत्री धामी ने क्या कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और गुजरात का सोमनाथ मंदिर भारत की सनातन आस्था का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय एकता और सनातन परंपराओं को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान अनुशासन बनाए रखने और राज्य की सांस्कृतिक पहचान को देशभर में सम्मानपूर्वक प्रस्तुत करने की अपील की। श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह हर्रावाला रेलवे स्टेशन पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे श्रद्धालुओं का स्वागत पुष्पवर्षा, तिलक और जयघोष के साथ किया गया। ट्रेन रवाना होने से पहले भजन-कीर्तन और वैदिक मंत्रोच्चार का आयोजन भी किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। सोमनाथ मंदिर का महत्व गुजरात के प्रभास पाटन में स्थित सोमनाथ मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम माना जाता है। इतिहास में इस मंदिर का कई बार आक्रमणों के बाद पुनर्निर्माण हुआ और आज यह भारत की सांस्कृतिक दृढ़ता तथा सनातन परंपरा का प्रतीक माना जाता है। प्रतिवर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। वापसी की तिथि फिलहाल यात्रा की वापसी की आधिकारिक तिथि सार्वजनिक नहीं की गई है। संबंधित विभाग और आयोजकों की ओर से जैसे ही विस्तृत कार्यक्रम जारी किया जाएगा, श्रद्धालुओं को इसकी सूचना उपलब्ध कराई जाएगी। राज्य सरकार की पहल राज्य सरकार का कहना है कि इस प्रकार की धार्मिक और सांस्कृतिक यात्राएं नागरिकों को देश की विविध आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ने का माध्यम हैं। सरकार भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य करती रहेगी। Post Views: 2 Post navigation उत्तराखंड में बारिश का कहर: 100 से अधिक सड़कें बंद, कई राष्ट्रीय राजमार्ग ठप, भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित उत्तराखंड में ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी: 71.33 लाख मतदाता शामिल, 19 लाख रिकॉर्ड में मिलीं विसंगतियां; 13 अगस्त तक करें दावा-आपत्ति