Spread the loveउत्तराखंड में अपराध और भ्रष्टाचार के दो अलग-अलग मामलों ने कानून व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर नैनीताल में विजिलेंस टीम ने एक पुलिस कांस्टेबल को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है, वहीं दूसरी ओर रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप इलाके में नकाबपोश बदमाशों द्वारा दिनदहाड़े लूट की घटना ने लोगों में भय का माहौल पैदा कर दिया है। दोनों मामलों में पुलिस और सतर्कता विभाग ने तेजी से कार्रवाई शुरू कर दी है। नैनीताल में रिश्वत लेते कांस्टेबल गिरफ्तार भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत विजिलेंस हल्द्वानी सेक्टर की टीम को बड़ी सफलता मिली है। जानकारी के अनुसार आरोपी कांस्टेबल ने खनन कार्य को बिना किसी रुकावट जारी रखने देने के बदले कुल 65 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता ने मामले की जानकारी सतर्कता विभाग को दी, जिसके बाद विजिलेंस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि विजिलेंस टीम ने जाल बिछाकर आरोपी कांस्टेबल को 45 हजार रुपये की पहली किस्त लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान टीम ने रिश्वत की रकम भी बरामद की। कार्रवाई के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (पीसी एक्ट) के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में भी हलचल मच गई है। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। विजिलेंस विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत मांगता है तो उसकी सूचना तुरंत सतर्कता विभाग को दें। रुद्रपुर में दिनदहाड़े लूट से फैली दहशत दूसरी बड़ी घटना ऊधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर शहर से सामने आई है। ट्रांजिट कैंप इलाके में नकाबपोश बाइक सवार बदमाशों ने एक फैक्ट्री कर्मचारी को सरेराह निशाना बनाकर लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार कर्मचारी ड्यूटी समाप्त कर अपने घर लौट रहा था, तभी रास्ते में बाइक पर आए बदमाशों ने उसे रोक लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बदमाशों ने कर्मचारी को धमकाकर उसके पास मौजूद नकदी और कीमती सामान लूट लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिनदहाड़े हुई इस घटना ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई और इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी गई। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। कई संदिग्ध बाइक सवारों की जानकारी जुटाई जा रही है और पुलिस टीमों को अलग-अलग क्षेत्रों में तलाश के लिए लगाया गया है। प्रशासन और पुलिस की त्वरित कार्रवाई दोनों मामलों में पुलिस और प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई का दावा किया है। नैनीताल में विजिलेंस की कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश माना जा रहा है, जबकि रुद्रपुर लूट मामले में पुलिस जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी बढ़ाई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि भ्रष्टाचार और बढ़ते आपराधिक मामलों पर नियंत्रण के लिए केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि पुलिसिंग व्यवस्था को और अधिक मजबूत करना भी जरूरी है। वहीं स्थानीय लोगों ने प्रशासन से रात्रि गश्त बढ़ाने, संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी नेटवर्क मजबूत करने और अपराधियों के खिलाफ सख्त अभियान चलाने की मांग की है। उत्तराखंड में सामने आई ये दोनों घटनाएं एक ओर सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार की चुनौती को उजागर करती हैं, तो दूसरी ओर आम लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ाती हैं। अब लोगों की नजर पुलिस और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी है कि आरोपी कितनी जल्दी कानून के शिकंजे में आते हैं। Post Views: 2 Post navigation कुमाऊं के ₹25 करोड़ भू-घोटाले में बड़ा खुलासा, मास्टरमाइंड धनंजय गिरी गिरफ्तार बागेश्वर पुलिस का बड़ा एक्शन: बिना पासपोर्ट-वीजा घूम रहा यूक्रेनी नागरिक गिरफ्तार